लॉन बॉल्स गेम: रोमांचक खेल का उत्तराखंड में इतिहास
उत्तराखंड में 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के दौरान राज्य के खिलाड़ियों को हर खेल में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा। इनमें खास है लॉन बॉल्स गेम, जो अपनी अनोखी बारीकियों और रोमांच के लिए जाना जाता है।
लकड़ी की खास गेंदों से खेला जाता है लॉन बॉल्स
यह खेल 0.5 मिमी घास वाले मैदान पर खेला जाता है। गेंदें सख्त लकड़ी की होती हैं, जिन्हें खास डिजाइन किया जाता है। हर गेंद का अपना यूनिक कोड होता है ताकि खेल में डुप्लीकेसी और मिश्रण से बचा जा सके। ये गेंदें ऑस्ट्रेलिया में बनाई जाती हैं और उत्तराखंड में होने वाले राष्ट्रीय खेलों के लिए भी इन्हें वहीं से मंगाया गया है।
हर उम्र के लिए उपयुक्त खेल
उत्तराखंड लॉन बॉल फेडरेशन के अध्यक्ष धीरेंद्र पंवार ने बताया कि यह खेल हर आयु वर्ग के लिए उपयुक्त है। यह कॉमनवेल्थ गेम्स का हिस्सा है और इसके प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड की उपलब्धियां
उत्तराखंड ने लॉन बॉल्स गेम में राष्ट्रीय स्तर पर दो ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं। 2020 के खेलो इंडिया यूथ गेम्स में विमांशा बुढ़ाकोटी और रितिका मेवाड़ ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर राज्य का मान बढ़ाया।
नेशनल चैंपियनशिप की तैयारी में जुटे खिलाड़ी
दिल्ली में 25 दिसंबर से होने वाली लॉन बॉल गेम की नेशनल चैंपियनशिप में उत्तराखंड के खिलाड़ी भी भाग लेंगे। राज्य के कोच किशन डोभाल ने कहा कि खिलाड़ी पूरी तैयारी में हैं और वे 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन करेंगे।
खेल के प्रति बढ़ रही रुचि
क्रिकेट, फुटबॉल और एथलेटिक्स के साथ लॉन बॉल्स गेम भी उत्तराखंड में लोकप्रिय हो रहा है। कोच और खिलाड़ियों के अनुभव बताते हैं कि इस खेल में तकनीकी कौशल और शारीरिक सामंजस्य बेहद जरूरी हैं।
राष्ट्रीय खेलों में जीत की उम्मीद
राज्य के खिलाड़ियों को उम्मीद है कि 38वें राष्ट्रीय खेलों में उनका अनुभव और तैयारी मेडल लाने में मददगार साबित होगी। लॉन बॉल्स गेम में उनकी शानदार प्रदर्शन से उत्तराखंड की मेडल टैली बढ़ने की संभावना है।