राजनकांत ने नेशनल हाईवे को एकतरफा बंद किया, प्रशासन में हलचल
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में एक शख्स ने प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। शिमला-मटौर एनएच पर राजनकांत ने आधी सड़क पर पत्थर रखकर ट्रैफिक को रोक दिया, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
क्या है राजनकांत का आरोप?
राजनकांत का कहना है कि वह मंगरोट क्षेत्र में 2009 से जमीन विवाद का सामना कर रहे हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से अपनी जमीन के मुआवजे की मांग की है, लेकिन प्रशासन अब तक इस मामले को हल नहीं कर पाया, जिसके कारण उन्होंने सड़क को अवरुद्ध किया।
प्रशासन ने लिया एक्शन, दोबारा कार्रवाई की चेतावनी
मौके पर पहुंचकर प्रशासन ने पत्थर हटवाए और राजनकांत को चेतावनी दी कि भविष्य में सड़क को फिर से अवरुद्ध न करें। प्रशासन ने कहा कि यदि राजनकांत ने सड़क बंद करने की कोशिश की, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व में भी कर चुका है सड़क बंद करने का प्रयास
यह पहली बार नहीं है जब राजनकांत ने सड़क बंद की हो। इससे पहले, नवंबर 2022 में उसने सड़क पर खोखा (चाय की दुकान) लगा दी थी, जिसे उच्च न्यायालय के आदेश पर हटाया गया था।
निशानदेही की मांग पर प्रशासन की लापरवाही का आरोप
राजनकांत का कहना है कि साल 2009 में उसकी जमीन की निशानदेही की गई थी, लेकिन प्रशासन ने अब तक इसे लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। वह अपनी जमीन के आसपास खोखा लगाने की अनुमति भी चाहता है, ताकि उसकी रोजी-रोटी चल सके।
एसडीएम ने कार्रवाई की चेतावनी दी
एसडीएम सदर ने मामले की गंभीरता को समझते हुए प्रशासन को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है और राजनकांत को आगे से सड़क बंद न करने का निर्देश दिया है।