उत्तराखंड भ्रमण पर आए पूर्वोत्तर राज्यों के युवाओं के साथ शासकीय आवास पर आत्मीय संवाद किया गया और उनके अनुभवों को जाना गया। इस दौरान विभिन्न राज्यों से आए युवाओं के विचार, अनुभव और उत्साह ने भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और युवा शक्ति की झलक प्रस्तुत की।
इन युवाओं ने अपनी-अपनी संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली के बारे में साझा किया, जिससे “विविधता में एकता” की भावना और भी प्रबल होती नजर आई। भारत की अलग-अलग वेशभूषा, भाषाएं और परंपराएं देश की एकता और अखंडता की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित Ajay Kothiyal ने भी युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि इस तरह के संवाद कार्यक्रम देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के उद्देश्य को साकार करने में सहायक हैं। ये युवा वास्तव में देश के ब्रांड एंबेसडर के रूप में कार्य कर रहे हैं, जो विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं को जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, यह संवाद कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समन्वय और युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।




