उत्तराखंड सचिवालय में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु ने विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक कर उनकी लंबित मांगों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में संगठनों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
राजकीय शिक्षक संघ की मांगों पर चर्चा
बैठक की शुरुआत राजकीय शिक्षक संघ की मांगों पर विचार से हुई। शिक्षकों द्वारा वर्ष में एक बार गृह जनपद आने-जाने के लिए यात्रा अवकाश को पूर्व की भांति बहाल किए जाने की मांग पर अन्य राज्यों में प्रचलित व्यवस्था का अध्ययन करने के निर्देश जारी किए गए।
विद्यालयी शिक्षा विभाग में विभिन्न स्तरों पर लंबित पदोन्नति प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित करने के भी निर्देश दिए गए।
चतुर्थ श्रेणी एवं मिनिस्टीरियल संगठनों की मांगें
चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ की मांगों पर भारत सरकार में प्रचलित व्यवस्था के आलोक में परीक्षण करते हुए वित्त एवं कार्मिक विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
वहीं उत्तरान्चल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन द्वारा विभिन्न पदों को समाहित करते हुए ढांचे के पुनर्गठन की मांग पर कार्मिक विभाग को समयबद्ध परीक्षण के निर्देश दिए गए।
देहरादून में संघ भवन निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने के संबंध में जिलाधिकारी को पत्र प्रेषित करने के निर्देश भी दिए गए।
पदोन्नति और एसीपी पर आश्वासन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा सम्पूर्ण सेवाकाल में तीन पदोन्नति प्राप्त न कर सकने वाले कार्मिकों की एसीपी से संबंधित मांग पर विधानसभा सत्र के बाद विभागाध्यक्षों एवं संगठनों के साथ बैठक आयोजित करने की बात कही गई।
मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (समूह ख) के कर्तव्यों और दायित्वों के निर्धारण पर भी कार्मिक विभाग को प्रस्ताव का प्रस्तुतीकरण उपलब्ध कराने को कहा गया।
गोल्डन कार्ड और चिकित्सा सुविधाएं
गोल्डन कार्ड योजना के तहत ओपीडी में जन औषधि केंद्रों से कैशलैस दवा और सुपरस्पेशलिटी चिकित्सालयों में कैशलैस जांच की सुविधा को लेकर प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अधिकारियों-कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य विभाग को कर्मचारी संगठनों से सुझाव लेकर समस्या के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए।
वेतन विसंगति और भत्तों पर सकारात्मक संकेत
विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगति दूर करने के संबंध में सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया गया। वाहन भत्ता बढ़ाने और यात्रा भत्ता दरों में संशोधन के लिए प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की मांगें
उत्तराखण्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की मांगों पर कनिष्ठ अभियंता पद की वेतन विसंगति से संबंधित रिपोर्ट का परीक्षण कर विधानसभा सत्र के बाद निर्णय लेने की बात कही गई।
साथ ही उत्तराखंड पेयजल निगम और जल संस्थान के राजकीयकरण एवं एकीकरण के मुद्दे पर विभागीय स्तर पर परीक्षण कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
विभिन्न अभियंत्रण विभागों में डिप्लोमा इंजीनियर्स को पदोन्नति के अवसर प्रदान करने हेतु अन्य पर्वतीय छोटे राज्यों की तर्ज पर समानान्तर गैलरी के सृजन पर भी विचार करने को कहा गया।
बैठक में सचिव वित्त दिलीप जावलकर, अपर सचिव विनीत कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।




