13 जनवरी से 25 फरवरी तक होगा महाकुंभ मेला, श्रद्धालुओं के लिए ई-पास सिस्टम लागू
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से 25 फरवरी 2025 तक आयोजित होने वाले महाकुंभ मेले में लाखों श्रद्धालु पवित्र त्रिवेणी संगम में स्नान करने के लिए एकत्रित होंगे। इस विशाल धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने ई-पास की सुविधा शुरू की है।
ई-पास का उद्देश्य
महाकुंभ मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए, ई-पास सिस्टम लागू किया गया है। यह सिस्टम श्रद्धालुओं की पहचान करने, उनके डेटा को रिकॉर्ड करने और ट्रैफिक और भीड़ को नियंत्रित करने में मदद करेगा। इससे किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में मदद मिल सकेगी।
ई-पास के रंग और संबंधित लाभ
ई-पास विभिन्न समूहों के लिए अलग-अलग रंगों में उपलब्ध होंगे:
- सफेद रंग का ई-पास: उच्च न्यायालय, वीवीआईपी, विदेशी राजदूतों और अप्रवासी भारतीयों के लिए।
- सैफरन (केसरिया) रंग का ई-पास: अखाड़ों और धार्मिक संस्थाओं के लोगों के लिए।
- पीला रंग का ई-पास: दुकानदारों, फूड कोर्ट और अन्य सेवा प्रदाताओं के लिए।
- आसमानी नीला रंग का ई-पास: मीडिया के कर्मचारियों के लिए।
- नीला रंग का ई-पास: पुलिस बल के लिए।
- लाल रंग का ई-पास: इमरजेंसी और आवश्यक सेवाओं के लिए।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
ई-पास बुकिंग के लिए श्रद्धालु राज्य सरकार द्वारा निर्धारित वेबसाइट https://epass.kumbh25.in/ पर जा सकते हैं। हालांकि, वेबसाइट फिलहाल सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं है, और इसे महाकुंभ मेला शुरू होने के बाद खोला जाएगा। पास प्राप्त करने के लिए संबंधित दस्तावेजों को प्रदान करना होगा।
महाकुंभ में अन्य सुविधाएं
महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं के लिए राज्य सरकार ने टेंट सुविधा भी तैयार की है। इसके अलावा, भारतीय रेलवे की ऑफिशियल वेबसाइट पर महाकुंभ टेंट बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
ई-पास और अन्य सुविधाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं की यात्रा को सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।