नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए, कर्मचारियों के यूएएन (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) को सक्रिय करने के लिए आधार-आधारित ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड) को अनिवार्य कर दिया है। श्रम मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के तहत, यह पहल कर्मचारियों को ईपीएफओ की ऑनलाइन सेवाओं का व्यापक और निर्बाध लाभ प्रदान करने के लिए की गई है।
ईपीएफओ को मिला आदेश: अभियान मोड में होगा काम
श्रम मंत्रालय ने केंद्रीय बजट 2025 के तहत घोषित वादों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए ईपीएफओ को आदेश दिया है कि वह अभियान मोड में यूएएन एक्टिवेशन प्रक्रिया को तेज करें। इसका उद्देश्य कर्मचारी लिंक्ड स्कीम (ईएलआई) के तहत अधिक से अधिक लाभार्थियों को जोड़ना और नियोक्ताओं और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
ओटीपी आधारित यूएएन एक्टिवेशन के फायदे
आधार आधारित ओटीपी प्रणाली से यूएएन एक्टिवेशन प्रक्रिया तेज और सुरक्षित होगी। इसके माध्यम से कर्मचारी निम्नलिखित सेवाओं का आसानी से लाभ उठा सकेंगे:
- पीएफ पासबुक डाउनलोड करना
- निकासी और अग्रिम धन का दावा करना
- धन हस्तांतरण और व्यक्तिगत विवरण अपडेट करना
- वास्तविक समय में ऑनलाइन दावों को ट्रैक करना
24×7 डिजिटल पहुंच: घर बैठे ईपीएफओ सेवाएं
ओटीपी आधारित प्रणाली से कर्मचारियों को 24×7 ईपीएफओ सेवाओं तक डिजिटल पहुंच मिलेगी। अब उन्हें कार्यालय जाकर लंबी प्रक्रियाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। ईपीएफओ इस सेवा को अपने क्षेत्रीय और जोनल कार्यालयों में चरणबद्ध तरीके से लागू करेगा।
दूसरे चरण में होगा बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण
यूएएन एक्टिवेशन के अगले चरण में, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण जैसे फेस रिकग्निशन को भी शामिल किया जाएगा। इससे ईपीएफओ सेवाओं में और अधिक पारदर्शिता और सहजता आएगी।
सरकार का उद्देश्य: डिजिटल सेवाओं में सुधार
यह कदम सरकार की डिजिटल इंडिया पहल के तहत सार्वजनिक सेवाओं को डिजिटल और आसान बनाने के उद्देश्य को मजबूत करता है। ईपीएफओ का यह अपडेट कर्मचारियों को उनकी भविष्य निधि खातों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने में मदद करेगा और उनके कार्यक्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन लाएगा।