देहरादून: सड़क सुरक्षा के महत्व को बढ़ावा देने और जिम्मेदार ड्राइविंग को प्रोत्साहित करने के लिए देहरादून सिटीजन फोरम (DCF) द्वारा एक विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान में पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI), देहरादून चैप्टर ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और ट्रैफिक नियमों के प्रति लोगों, खासकर युवाओं को शिक्षित करना था।
सड़क सुरक्षा की मौजूदा स्थिति
कार्यक्रम के दौरान आंकड़ों और तथ्यों के माध्यम से यह बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में हर साल हजारों लोगों की मौत होती है। इनमें से अधिकांश मामले ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन, शराब पीकर गाड़ी चलाने, और हेलमेट या सीट बेल्ट न पहनने से जुड़े होते हैं। ऐसे में सड़क सुरक्षा पर जागरूकता फैलाने की सख्त जरूरत है।
PRSI Dehradun Chapter की सहभागिता
PRSI देहरादून चैप्टर ने इस कार्यक्रम में न केवल भाग लिया, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता भी जाहिर की। संगठन ने युवाओं और आमजन को सुरक्षित ड्राइविंग के महत्व को समझाने के लिए रचनात्मक तरीके अपनाए।
PRSI के अध्यक्ष ने कहा,
“सड़क सुरक्षा केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। हम सबको मिलकर ट्रैफिक नियमों का पालन करने और दूसरों को इसके लिए प्रेरित करने की जरूरत है।”
कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियां
- सड़क सुरक्षा पर कार्यशालाएं:
प्रतिभागियों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन से बचने के महत्व पर विस्तार से समझाया गया। - युवाओं के लिए इंटरैक्टिव सत्र:
युवा प्रतिभागियों के साथ सत्र आयोजित किए गए, जिसमें उन्हें सड़क पर सुरक्षित व्यवहार अपनाने के तरीके सिखाए गए। - शपथ ग्रहण समारोह:
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और दूसरों को जागरूक करने की शपथ ली।
DCF और PRSI का भविष्य का दृष्टिकोण
PRSI और DCF ने मिलकर यह तय किया है कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा। दोनों संगठनों का मानना है कि सड़क दुर्घटनाओं को केवल ट्रैफिक नियमों का पालन करके और ड्राइविंग के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाकर रोका जा सकता है।
अभियान का संदेश
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा व्यक्तिगत और सामाजिक जिम्मेदारी है। इस तरह के प्रयासों से न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव भी लाया जा सकता है।
DCF और PRSI का यह संयुक्त अभियान देहरादून के नागरिकों के लिए एक प्रेरणा बन गया और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने में मील का पत्थर साबित हुआ।