चम्पावत। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने आज जनपद चम्पावत के बूमघाट में ₹66 करोड़ से अधिक लागत की दो महत्वपूर्ण बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। इनमें ₹60.21 करोड़ की लागत से बूम से टनकपुर तक Sharda River के तट पर बाढ़ सुरक्षा तटबंध निर्माण तथा ₹5.74 करोड़ की लागत से पूर्णागिरी तहसील के ग्राम छीनीगोठ की सुरक्षा के लिए हुड्डी नदी पर बाढ़ सुरक्षा दीवार का निर्माण शामिल है।
कार्यक्रम स्थल पहुंचने से पूर्व मुख्यमंत्री ने शारदा नदी पर चल रहे बाढ़ सुरक्षा निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान मंदिर प्रबंधन समितियों, पूर्व सैनिकों, जनप्रतिनिधियों, खिरद्वारी जनजाति समूह, व्यापार मंडल, कृषक बंधुओं, स्वयंसेवी संगठनों तथा विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना।
विभागीय स्टॉलों का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने सेवा पखवाड़े के अंतर्गत लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। कृषि, उद्यान, पशुपालन, डेयरी, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, समाज कल्याण तथा एनआरएलएम से जुड़े स्टॉलों पर उन्होंने योजनाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
महिला स्वयं सहायता समूह के स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय महिलाओं के साथ पारंपरिक तरीके से रोटी और चटनी भी बनाई, जिससे कार्यक्रम में विशेष उत्साह का माहौल देखने को मिला। उन्होंने स्वास्थ्य शिविर में Nikshay Yojana के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को पोषण किट भी वितरित की।
शारदा तटबंध भविष्य की सुरक्षा का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा तटबंध केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा और क्षेत्र के समग्र विकास की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि मां शारदा नदी लाखों लोगों के जीवन और आजीविका का आधार है तथा बाढ़ सुरक्षा कार्यों से लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें Purnagiri Dham आने का अवसर मिलता है, यहां की जनता का स्नेह उन्हें अपने परिवार जैसा अपनापन देता है। उन्होंने कहा कि चम्पावत की जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
शारदा कॉरिडोर और पर्यटन विकास को मिलेगी नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लगभग ₹3300 करोड़ की लागत से विकसित किए जा रहे शारदा कॉरिडोर परियोजना के माध्यम से क्षेत्र को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की नई पहचान देने के लिए कार्य कर रही है। इसके तहत टनकपुर से बनबसा तक शारदा रिवर फ्रंट सहित अनेक धार्मिक और पर्यटन स्थलों का विकास किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की बेटियों के लिए लगभग ₹257 करोड़ की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज तथा ₹58.52 करोड़ की लागत से आधुनिक साइंस सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही कृषि महाविद्यालय, गौशालाओं के विकास और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र के अनुरूप मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत Purnagiri Dham, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर और मां वाराही धाम सहित अनेक धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि टनकपुर में लगभग ₹237.74 करोड़ की लागत से आधुनिक आईएसबीटी तथा लगभग ₹14 करोड़ की लागत से मीडिया सेंटर का निर्माण भी कराया जा रहा है। इसके अलावा लोहाघाट में पर्यावरण मित्रों के लिए आवासीय भवन, बनबसा में सैनिक स्मारक और पाटी में सैनिक बहुउद्देशीय केंद्र की स्थापना का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से मुलाकात की तथा पूर्णागिरी और बनबसा क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष Anand Singh Adhikari, ब्लॉक प्रमुख Anchal Bora, भाजपा जिलाध्यक्ष Govind Samant, जिला महामंत्री Mukesh Kalkhudiya, विधायक प्रतिनिधि Prakash Tiwari, Deepak Rajwar, जिला प्रभारी Gunjan Sukhija, जिला सहप्रभारी Himanshu Bisht, पुलिस अधीक्षक Rekha Yadav, मुख्य विकास अधिकारी G. S. Khati सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।




