अमृतसर: अवैध प्रवासी भारतीयों को लेकर एक और फ्लाइट अमेरिका से अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरी। इसमें डिपोर्ट हुए लोगों में भारतीय सेना के रिटायर फौजी मंदीप सिंह का नाम भी शामिल है। उन पर अमेरिका में अवैध तरीके से प्रवेश करने का आरोप है। मंदीप ने डंकी रूट से अमेरिका जाने की खतरनाक कहानी सुनाई, जिसे सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो जाएंगे।
डंकी रूट: मौत के रास्ते से अमेरिका यात्रा
मंदीप सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में डंकी रूट की भयावह यात्रा का विवरण दिया। उन्होंने कहा कि डंकी रूट एक तरह से मौत का रास्ता होता है, जहां फ्लाइट, गाड़ी, पैदल, नदी, जंगल और पहाड़ों से होकर गुजरना पड़ता है। यह यात्रा किसी के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है।
40 लाख रुपये की पूंजी एजेंट को दी
मंदीप सिंह, जो करीब 17 साल तक भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके थे, ने अपनी पूरी जिंदगी की 40 लाख रुपये की पूंजी एजेंट को दे दी थी और विदेश जाने के लिए 14 लाख रुपये का कर्ज भी लिया था। उनका सपना था कि वह अमेरिका पहुंचकर नया जीवन शुरू करेंगे, लेकिन नियति के सामने उनका सपना टूट गया और उन्हें अमेरिका से डिपोर्ट कर भारत भेज दिया गया।
70 दिन मैगी और कच्ची रोटियां खाकर बिताए
मंदीप ने बताया कि सफर के दौरान उन्हें 70 दिन सिर्फ मैगी खाकर बिताने पड़े। भूख से बचने के लिए कच्ची रोटियां भी खानी पड़ीं, क्योंकि उनके पास और कोई विकल्प नहीं था। उन्होंने कहा कि भूखा मरने से अच्छा था कि कच्ची रोटी खाकर अपनी जान बचाई जाए।
पनामा के जंगल में खतरनाक अनुभव
मंदीप ने बताया कि पनामा के जंगल में यात्रा करते वक्त उन्हें खतरनाक मगरमच्छों का सामना करना पड़ा। एक समय ऐसा आया जब या तो उन्हें वापस लौटना पड़ा या आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं था। इन खतरों के बीच उन्होंने 13 दिन जंगलों में बिताए और फिर शिविर तक पहुंचे।
अमेरिका से लौटते समय बुरा अनुभव
मंदीप ने अमेरिका से भारत वापसी के दौरान अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना ने उनके साथ बहुत बुरा व्यवहार किया। उन्हें हथकड़ी पहनाई गई, जूते तक उतरवाए गए और सामान को बिखेर दिया गया। उनका सामान फेंक दिया गया, और सिर ढकने के लिए कपड़े भी नहीं दिए गए।
एजेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग
मंदीप सिंह ने बताया कि अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने एजेंट को 40 लाख रुपये दिए थे और अब एजेंट ने उनसे बातचीत की बात कही है। मंदीप ने शिरोमणि कमेटी से भी सख्त कार्रवाई की अपील की है, ताकि गुरसिखों के साथ हुए गलत व्यवहार के खिलाफ ठोस कदम उठाए जा सकें।