नई दिल्ली: राजधानी में सत्ता परिवर्तन के साथ ही दिल्ली सरकार द्वारा वित्तपोषित 12 कॉलेजों की समस्याएं सुलझने की उम्मीद जगी है। इन कॉलेजों में वर्षों से स्थायी नियुक्तियां नहीं हुई हैं, गैर-शिक्षण कर्मचारियों के पद रिक्त हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के कार्य भी रुके हुए हैं।
दिल्ली सरकार पर शिक्षकों के आरोप
डीयू के महाराजा अग्रसेन कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजीव तिवारी ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने इन कॉलेजों को बंद करने का प्रयास किया। कॉलेजों को मरम्मत, वेतन और भत्तों के लिए मिलने वाला फंड भी रोक दिया गया। अकेले महाराजा अग्रसेन कॉलेज का लगभग 10 करोड़ रुपये बकाया है।
अंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध करने की कोशिश
पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने इन 12 कॉलेजों को अंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध करने या केंद्र सरकार के अधीन करने का प्रस्ताव रखा था। अब भाजपा सरकार के वापस आने से शिक्षकों को उम्मीद है कि इन कॉलेजों की दशा सुधरेगी। डीयू के इन 12 कॉलेजों में 984 शिक्षकों के पद खाली हैं, जबकि कुल 1512 स्वीकृत पदों में से केवल 528 पर स्थायी नियुक्तियां हुई हैं।
वेतन भुगतान में देरी, शिक्षकों को संकट
अदिति कॉलेज की शिक्षिका प्रो. नीलम राठी के अनुसार, शिक्षकों की समस्याएं पिछले 15-20 वर्षों से लंबित हैं। कई शिक्षकों के पेंशन से जुड़े मामले अटके हुए हैं, जिससे प्रति शिक्षक 60-65 लाख रुपये तक बकाया है। कई कॉलेजों का करोड़ों रुपये सरकार से बकाया है। सरकार सालाना 400 करोड़ रुपये का फंड देती रही है, लेकिन महंगाई और वेतन वृद्धि के बावजूद फंड में वृद्धि नहीं की गई। नतीजतन, शिक्षकों को समय पर पूरा वेतन नहीं मिल पा रहा है और मेडिकल बिलों का भुगतान भी रुका हुआ है।
कोर्ट के आदेश के बाद भी बकाया भुगतान नहीं
एरियर भुगतान के लिए कई शिक्षकों को हाईकोर्ट का रुख करना पड़ा। कोर्ट के आदेश के बाद मंत्रालय ने भुगतान के निर्देश दिए, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त फंड आवंटित नहीं किया गया।
नई सरकार से उम्मीदें
शिक्षकों को उम्मीद है कि भाजपा सरकार इन 12 कॉलेजों की दुविधाओं को हल करेगी। दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (DUTA) के अध्यक्ष प्रो. अजय कुमार भागी ने कहा कि सरकार के गठन के बाद प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे पर चर्चा करेगा।
ये हैं दिल्ली सरकार द्वारा वित्तपोषित 12 कॉलेज
- आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज
- अदिति कॉलेज
- भगिनी निवेदिता कॉलेज
- भास्कराचार्य कॉलेज
- दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज
- डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज
- इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंसेज
- केशव कॉलेज
- महाराजा अग्रसेन कॉलेज
- महर्षि वाल्मीकि कॉलेज
- शहीद राजगुरु कॉलेज
- शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज
नई सरकार के आने से इन कॉलेजों की समस्याओं के समाधान की उम्मीदें बढ़ गई हैं। अब देखना होगा कि सरकार इन मुद्दों पर कितनी जल्दी कार्यवाही करती है।