माल्या का आरोप: ‘मैंने पूरा कर्ज चुकाया, फिर भी आर्थिक अपराधी करार’
नई दिल्ली: भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने दावा किया है कि बैंकों ने उनसे किंगफिशर एयरलाइंस के लोन के मुकाबले दोगुनी से ज्यादा रकम वसूल की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट में माल्या ने कहा कि बैंकों ने 14,131 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की है, जबकि कर्ज वसूली न्यायाधिकरण ने किंगफिशर एयरलाइंस के लोन को 6,203 करोड़ रुपये आंका था, जिसमें 1,200 करोड़ रुपये का ब्याज भी शामिल है।
सीतारमण के बयान पर उठाए सवाल
माल्या की यह प्रतिक्रिया तब आई जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बताया कि उनकी जब्त संपत्तियों से 14,131.6 करोड़ रुपये बैंकों को वापस कर दिए गए हैं। माल्या ने पूछा कि जब उन्होंने कर्ज और ब्याज का भुगतान कर दिया है, तो उन्हें अभी भी आर्थिक अपराधी क्यों माना जा रहा है।
माल्या का तर्क: ‘वसूली का आधार स्पष्ट करें’
अपने पोस्ट में माल्या ने तर्क दिया, “जब तक प्रवर्तन निदेशालय (ED) और बैंक यह नहीं स्पष्ट करते कि उन्होंने दोगुना पैसा कैसे वसूला, तब तक मुझे राहत मिलनी चाहिए। मैं इसके लिए प्रयास करता रहूंगा।”
सीतारमण ने क्या कहा?
निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि केंद्रीय प्रवर्तन एजेंसी ने अब तक 22,280 करोड़ रुपये की संपत्ति बैंकों को लौटाई है, जिसमें विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे बड़े आर्थिक अपराधियों की संपत्तियां शामिल हैं।
कर्ज घोटाले और भागने की पृष्ठभूमि
माल्या भारत में कई बैंकों से 9,000 करोड़ रुपये के कर्ज घोटाले में वॉन्टेड हैं। वह मार्च 2016 में ब्रिटेन भाग गए और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं।
‘कोई खड़े होकर सवाल उठाएगा?’
अपने पोस्ट में माल्या ने सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा, “क्या कोई इस अन्याय पर सवाल उठाएगा?” उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कभी कोई पैसा चुराया नहीं और न ही कोई गलत काम किया है।
जनता और सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
विजय माल्या के इस बयान पर सरकार और बैंकों की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन उनके आरोपों ने फिर से आर्थिक अपराधियों और उनकी संपत्तियों की वसूली पर बहस को तेज कर दिया है।