डीजीपी दीपम सेठ ने किया ध्वजारोहण
उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय में गणतंत्र दिवस के अवसर पर डीजीपी दीपम सेठ ने ध्वजारोहण किया। इस दौरान सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके कर्तव्य की शपथ दिलाई गई।
पुलिस कर्मियों को सम्मान
समारोह में 8 पुलिस कार्मिकों को राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक, 15 कार्मिकों को पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क ‘गोल्ड’ और 30 कार्मिकों को ‘सिल्वर’ प्रशस्ति डिस्क से सम्मानित किया गया। साथ ही भारत सरकार द्वारा उत्तराखंड पुलिस के एक कर्मी को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक और 5 कर्मियों को सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया गया।
डीजीपी का संबोधन
डीजीपी दीपम सेठ ने गणतंत्र दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “यह दिन केवल एक तिथि नहीं है, बल्कि हमारे देश की लोकतांत्रिक आत्मा का प्रतीक है। 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान लागू हुआ था, जो सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार देता है।” उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं को नमन किया और उनके त्याग और परिश्रम को स्मरण किया।
उत्तराखंड पुलिस की भूमिका
डीजीपी ने उत्तराखंड पुलिस के समर्पण और निष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस का प्रत्येक जवान राज्य का प्रहरी है, जिसने हर परिस्थिति में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि कठिन परिश्रम, ईमानदारी और उत्तम आचरण से उत्तराखंड पुलिस अपनी छवि को और उज्जवल बनाए रखने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
गणतंत्र दिवस 2025 का संदेश
गणतंत्र दिवस 2025 के इस विशेष अवसर पर डीजीपी ने सभी कर्मियों को देश और राज्य की सेवा में समर्पित रहने और जनता का विश्वास बनाए रखने का आह्वान किया।