मुंबई, 22 फरवरी 2025: कारोबारी सप्ताह के चौथे दिन भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखी गई। बीएसई सेंसेक्स 266 अंकों की गिरावट के साथ 75,672.84 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 0.49% टूटकर 22,821.10 पर खुला। बाजार में इस गिरावट के पीछे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की सतर्कता को मुख्य कारण माना जा रहा है।
बुधवार को भी लाल निशान में बंद हुआ था बाजार
इससे पहले, बुधवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 28 अंकों की गिरावट के साथ 75,939.18 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 0.10% लुढ़ककर 22,921.70 पर बंद हुआ। हालांकि, वित्तीय शेयरों में तेजी देखने को मिली, लेकिन फार्मा और आईटी कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
इन शेयरों ने बाजार में बनाई जगह
- टॉप गेनर्स: भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, हिंडाल्को, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, आयशर मोटर्स
- टॉप लूजर्स: डॉ. रेड्डीज लैब्स, टीसीएस, एचयूएल, इंफोसिस, अडाणी एंटरप्राइजेज
मिडकैप और स्मॉलकैप में तेजी, लेकिन आईटी और फार्मा पर दबाव
- बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 1% और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2% की तेजी दर्ज की गई।
- आईटी और फार्मा सेक्टर में 1% की गिरावट, जबकि मीडिया, मेटल, पीएसयू बैंक, रियल्टी और कैपिटल गुड्स सेक्टर 1-2% चढ़े।
बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी, 34 लाख करोड़ की कमी
2025 में अब तक 36 कारोबारी दिनों में 21 बार बाजार गिर चुका है, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है।
- बीएसई 500 मार्केट कैप में 34 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।
- 31 दिसंबर 2024 को बाजार पूंजीकरण 387.18 लाख करोड़ रुपये था, जो अब घटकर 353.31 लाख करोड़ रुपये रह गया है।
क्या आगे भी जारी रहेगा गिरावट का ट्रेंड?
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की सतर्कता और अमेरिका की ट्रंप टैरिफ नीतियों के चलते भारतीय शेयर बाजार में अस्थिरता जारी रह सकती है। निवेशकों को सतर्क रहने और लंबी अवधि के दृष्टिकोण से निवेश करने की सलाह दी जा रही है।