जबलपुर: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस युग में आपकी पर्सनल डायरी अब एक इंटेलिजेंट सहायक में बदल गई है। जबलपुर के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों, अभिनव और अभय बैरागी, ने एक ऐसी AI-डायरी विकसित की है, जो न केवल आपकी निजी भावनाओं और अनुभवों को समझेगी बल्कि समय-समय पर आपको उपयोगी सलाह भी देगी।
पर्सनल बातें, लेकिन पूरी गोपनीयता
डायरी की सबसे बड़ी खासियत इसकी गोपनीयता है। अभय बैरागी ने बताया कि यह डायरी यूजर के डेटा को कहीं शेयर नहीं करेगी। डिजिटल युग में डेटा प्राइवेसी का महत्व बढ़ गया है, और यह डायरी इसे प्राथमिकता देती है।
आपकी जरूरतों को समझने वाली डायरी
यह AI डायरी न केवल आपकी भावनाओं को समझेगी, बल्कि आपकी दिनचर्या का भी विश्लेषण करेगी। यह बताएगी कि आप दिन में सबसे ज्यादा प्रोडक्टिव कब होते हैं, कब आपको आराम करना चाहिए, और किस समय आप तनाव महसूस कर सकते हैं। डायरी यह भी सुझाव देगी कि आपको किससे अपनी बातें शेयर करनी चाहिए और कब आपको खुद को सामाजिक रूप से जोड़ने की जरूरत है।
तनाव और अकेलेपन से बचाएगी
डायरी में डिप्रेशन और अकेलेपन जैसी समस्याओं को पहचानने की भी क्षमता है। यदि यूजर ज्यादा समय डायरी के साथ बिताने लगता है, तो यह डायरी सलाह देगी कि वह बाहर जाए, दोस्तों से मिले और सामाजिक रूप से सक्रिय रहे।
सरल उपयोग और अनोखी सलाह
इस AI डायरी का उपयोग बेहद सरल है। आप लिखने के साथ-साथ बात करके भी अपनी भावनाएं इसमें रिकॉर्ड कर सकते हैं। डायरी आपके डाटा का विश्लेषण करके आपको सही समय पर बेहतर सलाह देगी, जो विपरीत परिस्थितियों में सही निर्णय लेने में मददगार होगी।
भविष्य की तैयारी में जुटे छात्र
अभिनव और अभय बैरागी ने इसे कॉलेज प्रोजेक्ट के तौर पर विकसित किया है, लेकिन वे इसे और बेहतर बनाने की योजना बना रहे हैं। छात्रों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में ऐसे सॉफ्टवेयर की मांग तेजी से बढ़ेगी।
डायरी जो सिर्फ आपकी है
यह AI डायरी आधुनिक समय के लिए एक बड़ा नवाचार है, जो न केवल आपकी बातें समझती है, बल्कि आपको सही दिशा में मार्गदर्शन भी करती है। छात्रों का यह प्रयास व्यक्तिगत विकास और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी साबित हो सकता है।