देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड सरकार की छवि धूमिल करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। तंबाकू उत्पादों के वितरण से जुड़े एक फर्जी नियुक्ति पत्र के वायरल होने के मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
सहायक आयुक्त व्यापार कर विभाग, राजीव तिवारी की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर कोतवाली डालनवाला में यह मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि 18 जनवरी को एक फर्जी नियुक्ति पत्र वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि उत्तराखंड सरकार ने दिल्ली स्थित एक कंपनी को तंबाकू उत्पादों की खरीद और वितरण का नोडल एजेंट नियुक्त किया है।
वायरल फर्जी पत्र में यह भी लिखा गया था कि कंपनी 25 लाख रुपये प्रति वर्ष राज्य सरकार को भुगतान करेगी और पत्र पर अवर सचिव जगत सिंह रौतेला के हस्ताक्षर भी थे। हालांकि, जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह पत्र पूरी तरह फर्जी है और राज्य सरकार ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है।
फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
कोतवाली डालनवाला प्रभारी मनोज मैनवाल ने बताया कि सहायक आयुक्त की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
राज्य सरकार की छवि धूमिल करने की साजिश
इस फर्जी पत्र को प्रसारित करने का उद्देश्य सरकार की छवि खराब करना बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष:
उत्तराखंड सरकार ने फर्जी नियुक्ति पत्र वायरल करने जैसी घटनाओं को गंभीरता से लिया है। मामले की जांच जारी है, और सरकार ने साफ किया है कि इस प्रकार के फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों को सख्त सजा देने की तैयारी की जा रही है।