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डिजिटल भारत निधि: 1.6 लाख करोड़ संग्रह, केवल 51% राशि का हुआ उपयोग

Digital India Fund: Rs 1.6 lakh crore collected, only 51% amount utilised

नई दिल्ली:  डिजिटल भारत निधि (DBN), जिसे पहले यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (USOF) के नाम से जाना जाता था, के तहत केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2024 तक 1.6 लाख करोड़ रुपये की राशि एकत्र की है। हालांकि, इस फंड का केवल 51.4% (83,726 करोड़ रुपये) ही उपयोग किया गया है। यह जानकारी मिनिस्टर ऑफ स्टेट फॉर कम्युनिकेशन पेम्मासानी चंद्रशेखर ने बुधवार को लोकसभा में दी।

DBN का संग्रह और उपयोग

पेम्मासानी ने बताया कि 1 अप्रैल 2002 से शुरू हुई इस निधि के तहत टेलीकॉम कंपनियां अपने एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) का 5% यूनिवर्सल एक्सेस लेवी (UAL) के रूप में देती हैं। इसका उपयोग ग्रामीण, वंचित, और दूरदराज के इलाकों में दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है।

उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2021 से 30 सितंबर 2024 के बीच सरकार ने DBN के जरिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 22,323.87 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। वित्त वर्ष 2024 में अब तक 8,791.17 करोड़ रुपये की सबसे अधिक राशि वितरित की गई है।

DBN का कहां होता है उपयोग?

डिजिटल भारत निधि का उपयोग मुख्य रूप से इन परियोजनाओं के लिए किया गया है:

  1. भारतनेट परियोजना: ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क बिछाने के लिए।
  2. 4जी नेटवर्क: देश के दुर्गम और आकांक्षी जिलों में मोबाइल सेवाओं का विस्तार।
  3. वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल सेवाएं।
  4. सीमावर्ती और हिमालयी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी।
  5. द्वीप क्षेत्रों (अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप) में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क।
  6. पूर्वोत्तर के राज्यों (मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, असम) में कनेक्टिविटी।

सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर प्रोजेक्ट

भाजपा सांसद जगदंबिका पाल के एक सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि DBN/USOF का उपयोग चेन्नई-अंडमान और कोच्चि-लक्षद्वीप के बीच सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) कनेक्टिविटी स्थापित करने के लिए किया गया है।

अनुसंधान और विकास को बढ़ावा

कांग्रेस सांसद अमर सिंह के एक सवाल के जवाब में चंद्रशेखर ने कहा कि DBN के तहत 552 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता से 132 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। ये परियोजनाएं कम्युनिकेशन प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के लिए हैं।

आगे की चुनौतियां और जरूरतें

डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि द्वारा उठाए गए सवाल पर मंत्री ने माना कि निधि का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना सरकार के लिए प्राथमिकता है। केंद्र सरकार के अनुसार, ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार देश के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।

निष्कर्ष

डिजिटल भारत निधि देश के दूरदराज और वंचित क्षेत्रों में डिजिटल और टेलीकॉम सेवाओं का विस्तार करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। हालांकि, निधि का केवल 51% उपयोग होना चिंता का विषय है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा ताकि ग्रामीण भारत तक डिजिटल क्रांति का लाभ पहुंच सके।

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