खेल और शिक्षा को जोड़ने की पहल
आईआईटी मद्रास ने 2024-2025 शैक्षणिक वर्ष में पांच राष्ट्रीय स्तर के एथलीट्स को ‘खेल उत्कृष्टता के आधार पर प्रवेश’ (SEA) के तहत अंडरग्रैजुएट प्रोग्राम्स में शामिल किया। इस पहल का उद्देश्य खेल प्रतिभाओं को उच्च शिक्षा के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना है।
अंडरग्रैजुएट प्रोग्राम में दो अतिरिक्त सीटें
हर अंडरग्रैजुएट प्रोग्राम में दो अतिरिक्त सीटें भारतीय नागरिकों के लिए आरक्षित की गई हैं, जिनमें से एक सीट केवल छात्राओं के लिए है। यह पहल आईआईटी मद्रास को देश का पहला ऐसा आईआईटी बनाती है, जिसने खेल के क्षेत्र में ऐसी योजना शुरू की है।
निदेशक का संदेश: खेल और शिक्षा दोनों में संतुलन जरूरी
आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटी ने कहा, “हमारा उद्देश्य खेल में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना है। यह पहल बच्चों और युवाओं को खेल-कूद में भाग लेने के लिए प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण संदेश है।”
चयनित पांच एथलीट्स: शिक्षा और खेल का संगम
- आरोही भावे (वॉलीबॉल खिलाड़ी, महाराष्ट्र) – बी.एस. (चिकित्सा विज्ञान और इंजीनियरिंग)
- आर्यमन मंडल (वाटर पोलो और तैराकी, पश्चिम बंगाल) – बी.टेक. (कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग)
- नंदिनी जैन (स्क्वॉश, दिल्ली) – बी.टेक. (कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग)
- प्रभाव गुप्ता (टेबल टेनिस, दिल्ली) – बी.टेक. (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा विज्ञान)
- वंगाला वेदवचन रेड्डी (लॉन टेनिस, आंध्र प्रदेश) – बी.टेक. (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा विज्ञान)
खेल विज्ञान और टेक्नोलॉजी का संगम
सीईएसएसए (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पोर्ट्स साइंस एंड एनालिटिक्स) के प्रमुख प्रो. महेश पंचाग्नुला ने बताया कि यह पहल खेल प्रतिभाओं को टेक्नोलॉजी के माध्यम से बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करती है। खेल फिजियोलॉजी, खेल मनोविज्ञान और बायोमैकेनिक्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
SEA प्रोग्राम: चयन प्रक्रिया
- उम्मीदवारों को जेईई (एडवांस्ड) परीक्षा पास करना अनिवार्य है।
- पिछले 4 वर्षों में राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतना आवश्यक है।
- खेल प्रदर्शन के आधार पर ‘स्पोर्ट्स रैंक लिस्ट’ तैयार की जाती है।
एथलीट्स का अनुभव: खेल और पढ़ाई का संतुलन
- आरोही भावे: “खेल के साथ पढ़ाई कठिन है, लेकिन सही मार्गदर्शन से इसे मैनेज किया जा सकता है।”
- आर्यमन मंडल: “आईआईटी मद्रास में शिक्षा और खेल दोनों के लिए बेहतरीन माहौल है।”
- नंदिनी जैन: “यह संस्थान शिक्षा और खेल के संतुलन को प्रोत्साहित करता है।”
- प्रभाव गुप्ता: “यहां पढ़ाई और खेल दोनों में व्यक्तित्व विकास का मौका मिलता है।”
- वंगाला रेड्डी: “मैंने खेल और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाने के लिए शेड्यूल तैयार किया है।”
आईआईटी मद्रास का मिशन
आईआईटी मद्रास खेल और शिक्षा में उत्कृष्टता को एकसाथ प्रोत्साहित करने के लिए टेक्नोलॉजी और अनुसंधान को बढ़ावा दे रहा है। यह पहल भविष्य के खेल सितारों और नवोन्मेषी छात्रों को बेहतर मंच प्रदान करेगी।