नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2025-26 का केंद्रीय बजट पेश किया। यह उनका लगातार आठवां बजट है। इस बजट में आयकर प्रणाली को सरल बनाने और करदाताओं को राहत देने के लिए बड़े सुधारों की घोषणा की गई।
आयकर में सुधार: नया विधेयक अगले सप्ताह संसद में पेश होगा
सीतारमण ने कहा कि सरकार एक नया आयकर विधेयक प्रस्तुत करेगी, जो व्यक्तिगत करदाताओं के अनुपालन को आसान बनाएगा। उन्होंने बताया कि यह प्रत्यक्ष कर संहिता (Direct Tax Code) होगी, जिससे कर मुकदमेबाजी में कमी आएगी और कर प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।
बीमा क्षेत्र में 100% एफडीआई को मंजूरी
सरकार ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की सीमा 74% से बढ़ाकर 100% करने की घोषणा की। यह निर्णय बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश को आकर्षित करने और इस उद्योग को और मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।
99% आयकर रिटर्न स्व-मूल्यांकन पर आधारित
सीतारमण ने बताया कि सरकार “पहले विश्वास करो, बाद में जांच करो” की नीति अपना रही है। करीब 99% आयकर रिटर्न अब स्व-मूल्यांकन के आधार पर स्वीकार किए जाते हैं, जिससे करदाताओं के लिए प्रक्रिया सरल हुई है।
12.75 लाख रुपये तक की आय पर नहीं लगेगा टैक्स
वित्त मंत्री ने मध्यम वर्ग और गरीबों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की कि नई कर व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की मानक कटौती सहित 12.75 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर देय नहीं होगा।
आधुनिक और पारदर्शी कर प्रणाली की ओर कदम
सरकार ने करदाताओं के लिए फेसलेस मूल्यांकन, ऑनलाइन रिटर्न फाइलिंग और तेजी से कर निपटान जैसी पहल की हैं। नया आयकर विधेयक इन सुधारों को और अधिक व्यवस्थित और सरल बनाएगा।
यह बजट करदाताओं को राहत देने के साथ-साथ बीमा और वित्तीय क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।