नई दिल्ली: एचसीएल टेक्नोलॉजीज की चेयरपर्सन रोशनी नादर ने एक नया इतिहास रच दिया है। वह दुनिया की 10 सबसे अमीर महिलाओं की सूची में जगह बनाने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2025 के अनुसार, वह 40 बिलियन अमेरिकी डॉलर (3.5 लाख करोड़ रुपये) की संपत्ति के साथ दुनिया की पांचवीं सबसे अमीर महिला हैं।
कैसे बनीं रोशनी नादर भारत की सबसे अमीर महिला?
यह उपलब्धि उन्हें उनके पिता और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के संस्थापक शिव नादर से मिली 47% हिस्सेदारी के बाद मिली। इससे न केवल वह भारत की सबसे अमीर महिला बन गईं, बल्कि अब देश की तीसरी सबसे अमीर व्यक्ति भी हैं।
एचसीएल टेक्नोलॉजीज, जिसकी बाजार कीमत 48 बिलियन डॉलर के आसपास है, दुनिया की अग्रणी आईटी कंपनियों में से एक है। रोशनी नादर के नेतृत्व में कंपनी ने वैश्विक स्तर पर मजबूती से अपनी जगह बनाई है।
शिक्षा और करियर की शुरुआत
रोशनी नादर की शिक्षा अमेरिका के प्रतिष्ठित नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से हुई, जहां उन्होंने स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से एमबीए की डिग्री ली। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें 2023 में शेफनर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
सामाजिक कार्यों में भी आगे
कॉर्पोरेट जगत में सफल होने के साथ-साथ रोशनी नादर सामाजिक कार्यों में भी गहरी रुचि रखती हैं। वह शिव नादर फाउंडेशन की ट्रस्टी हैं, जो शिक्षा और सामाजिक विकास के लिए 1.2 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश कर चुका है।
इसके अलावा, वह विद्याज्ञान लीडरशिप अकादमी से भी जुड़ी हैं, जो उत्तर प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करती है।
ग्लोबल स्तर पर पहचान
रोशनी नादर एमआईटी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के डीन की सलाहकार परिषद और द नेचर कंजर्वेंसी के ग्लोबल बोर्ड की सदस्य भी हैं।
2024 में उन्हें फ्रांस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान शेवेलियर डे ला लेगियन डी’होनूर से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, वह 2017 से लगातार फोर्ब्स की दुनिया की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में शामिल हो रही हैं।
रोशनी नादर की यह सफलता भारत में महिलाओं के बढ़ते प्रभाव और नेतृत्व क्षमता को दर्शाती है। उनकी यह उपलब्धि न केवल भारतीय कॉर्पोरेट जगत के लिए गर्व की बात है, बल्कि युवा महिलाओं के लिए भी एक प्रेरणा है।