Blogदेश

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पर कड़ी कार्रवाई, मार्च 2025 में बढ़ी मुठभेड़ें

Strict action against terrorism in Jammu and Kashmir, encounters increased in March 2025

श्रीनगर: केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के सफाए के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. हालांकि, सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच संघर्ष में दोनों पक्षों को नुकसान उठाना पड़ता है. मार्च 2025 में आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं में इजाफा हुआ, जिसमें कुल सात लोगों की मौत हुई.

जनवरी से मार्च 2025 तक आतंकवाद से जुड़े आंकड़े

  • जनवरी 2025: दो आतंकवादी ढेर, एक जवान शहीद (कुल 3 मौतें)
  • मार्च 2025: चार सुरक्षा कर्मी और तीन आतंकवादी मारे गए (कुल 7 मौतें)
  • 2025 में अब तक कुल 13 मौतें – एक नागरिक, सात सुरक्षाकर्मी, पांच आतंकवादी

कठुआ और कुपवाड़ा में हुई मुठभेड़ें

  • 23 मार्च: कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर में सुरक्षाबलों ने संदिग्ध आतंकवादियों को घेरा, लेकिन वे अमेरिकी M4 कार्बाइन मैगजीन और हथियार छोड़कर भाग निकले.
  • 29 मार्च: कठुआ जिले में हुई भयंकर गोलीबारी में चार पुलिसकर्मियों की शहादत हुई. यह पहला मौका था जब एक संयुक्त सुरक्षा अभियान में पुलिस को इतनी बड़ी क्षति हुई.
  • 31 मार्च: कठुआ जिले के जुथाना गांव में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच हल्की गोलीबारी हुई.
  • 17 मार्च: कुपवाड़ा जिले के क्रुम्हूरा गांव में सुरक्षा बलों ने एक पाकिस्तानी आतंकवादी को मार गिराया और AK-47, ग्रेनेड व अन्य हथियार बरामद किए.

पिछले वर्षों में मार्च के महीने में आतंकवादी घटनाओं का तुलनात्मक विश्लेषण

वर्ष कुल मौतें नागरिक सुरक्षाबल आतंकवादी
2000 171 51 14 106
2005 116 42 9 64
2010 39 5 9 25
2015 9 2 3 4
2020 14 4 1 9
2025 7 1 4 3

इतिहास के बड़े आतंकवादी हमले

  • चित्तिसिंहपुरा नरसंहार (20 मार्च 2000): अनंतनाग में 35 सिखों की हत्या.
  • नादिमर्ग नरसंहार (23 मार्च 2003): पुलवामा में 24 कश्मीरी पंडितों की हत्या.
  • श्रीनगर आतंकी हमला (13 मार्च 2013): बेमिना में CRPF कैंप पर हमला, हरि सिंह हाई स्ट्रीट पर ग्रेनेड धमाका.

घट रही आतंकवादियों की संख्या, सरकार के प्रयास रंग ला रहे

जम्मू-कश्मीर सरकार के अनुसार, इस समय 76 आतंकवादी सक्रिय हैं, जिनमें 59 विदेशी आतंकवादी शामिल हैं. यह संख्या 2024 में 91 थी, जो आतंकवादियों के खात्मे की दिशा में महत्वपूर्ण गिरावट को दर्शाती है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2019 के बाद से जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी घटनाओं में 70% की कमी आई है. सुरक्षाबलों के सख्त अभियानों और केंद्र सरकार की आतंकवाद विरोधी नीतियों की वजह से यह गिरावट देखने को मिली है.

Related Articles

Back to top button