नई दिल्ली: आजकल की व्यस्त जीवनशैली में हम अक्सर अपनी सांसों पर ध्यान नहीं देते, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सही तरीके से सांस लेने से न सिर्फ रेस्पिरेटरी सिस्टम, बल्कि पूरे शरीर और दिमाग के लिए कई फायदे हो सकते हैं? माइंडफुल ब्रीदिंग एक ऐसी ध्यान तकनीक है, जो गहरी सांसों के जरिए मानसिक शांति, तनाव में कमी और शरीर में ऊर्जा बढ़ाती है।
योग गुरु मीनाक्षी वर्मा के अनुसार, “माइंडफुल ब्रीदिंग एक प्रकार की ध्यान प्रक्रिया है, जिसमें आप अपनी सांसों पर पूरा ध्यान केंद्रित करते हैं। इससे शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा संतुलित होती है और यह मानसिक स्वास्थ्य, रक्तचाप और हृदय स्वास्थ्य में सुधार करती है।”
माइंडफुल ब्रीदिंग के लाभ:
- रेस्पिरेटरी सिस्टम को मजबूत बनाना: फेफड़ों की क्षमता बढ़ाती है।
- स्ट्रेस को कम करना: मानसिक शांति और दिमाग को शांत करती है।
- ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करना: रक्त संचार में सुधार करती है, जिससे हृदय स्वस्थ रहता है।
- नींद में सुधार: अनिद्रा से राहत दिलाती है।
- ध्यान केंद्रित करना: ध्यान और एकाग्रता बढ़ती है।
कैसे और कब करें?
माइंडफुल ब्रीदिंग के लिए सबसे उपयुक्त समय सुबह या रात है। इस अभ्यास के लिए शांत और साफ जगह का चयन करें और आरामदायक स्थिति में बैठकर नाक से गहरी सांस लें और धीरे-धीरे मुंह से छोड़ें।
गलतियां न करें
वर्मा ने चेतावनी दी कि अभ्यास करते समय जल्दबाजी से गहरी सांस न लें और इसे शोर-शराबे वाली जगह पर न करें। साथ ही, ध्यान बंटाने वाले उपकरणों से दूर रहें ताकि आपको इस अभ्यास का पूरा लाभ मिल सके।
माइंडफुल ब्रीदिंग को अपनी दिनचर्या में शामिल करके आप शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार ला सकते हैं।