नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में आज से नई दिल्ली में दो दिवसीय ‘आतंकवाद विरोधी सम्मेलन-2024’ की शुरुआत हो गई है। इस सम्मेलन का उद्देश्य भविष्य की आतंकवाद विरोधी नीतियों और रणनीतियों पर चर्चा करना और उन्हें आकार देना है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, आतंकवाद से निपटने वाली एजेंसियों के अधिकारी, और कानून, फोरेंसिक और तकनीकी विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
गृह मंत्रालय (MHA) के अनुसार, सम्मेलन में आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अमित शाह के नेतृत्व में यह बैठक आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। सम्मेलन के दौरान आतंकवाद-रोधी अभियोजन, कानूनी ढांचे, और उभरती प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, आतंकवादी नेटवर्क को समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनी सहयोग पर भी विचार किया जाएगा।
गृह मंत्रालय ने कहा कि यह सम्मेलन विभिन्न सरकारों और एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत करेगा और भविष्य की नीति निर्माण के लिए जरूरी दिशा-निर्देश प्रदान करेगा। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति पर दृढ़ संकल्पित है और इस बुराई को जड़ से उखाड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस सम्मेलन में आतंकवाद-रोधी जांच के अनुभवों और अच्छे तरीकों को साझा किया जाएगा, ताकि समग्र रणनीतियों को और प्रभावी बनाया जा सके।