देहरादून में एक महिला साइबर ठगों का शिकार हो गई, जिन्होंने खुद को बैंक अधिकारी बताकर उनसे 25 लाख रुपए ठग लिए। ठगों ने महिला को फोन कर बताया कि उनका बैंक खाता केवाईसी अपडेट न होने की वजह से फ्रीज हो सकता है। डराने के लिए ठगों ने फर्जी दस्तावेज़ और बैंक की मुहर से सजी ईमेल भी भेजी, जिससे महिला को झांसा दिया गया।
ठगों ने तुरंत कार्रवाई की आवश्यकता बताते हुए महिला से बैंक डिटेल्स और ओटीपी साझा करने के लिए कहा। जैसे ही महिला ने जानकारी दी, ठगों ने तीन अलग-अलग लेनदेन के जरिए उनके खाते से 25 लाख रुपए निकाल लिए। महिला को इस धोखाधड़ी का एहसास तब हुआ जब उन्होंने बैंक जाकर स्थिति की जांच की और अधिकारियों ने उन्हें ठगी के बारे में सूचित किया।
पीड़िता की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल किए गए खातों की जांच शुरू कर दी है और डिजिटल फुटप्रिंट का पता लगाने के लिए साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
पुलिस ने जनता को आगाह किया है कि वे किसी भी अनजान कॉल पर अपनी बैंक डिटेल्स या ओटीपी साझा न करें। बैंक से संबंधित किसी समस्या के लिए सीधे शाखा से संपर्क करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना साइबर हेल्पलाइन नंबर पर देने की अपील की गई है।
यह घटना साइबर ठगों की बढ़ती गतिविधियों और उनकी रणनीतियों की ओर ध्यान आकर्षित करती है। सतर्कता और जागरूकता ही ऐसे अपराधों से बचने का एकमात्र उपाय है।