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अजमेर रेलवे स्टेशन पर धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार, पीएम मोदी को धमकी देने का मामला

The accused who threatened at Ajmer railway station has been arrested, case of threatening PM Modi

अजमेर: अजमेर पुलिस की स्पेशल टीम और एटीएस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अजमेर रेलवे स्टेशन से उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया, जिसने महाराष्ट्र के गोवंडी थाने के व्हाट्सएप नंबर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या और झारखंड के धनबाद में ट्रेन में बम ब्लास्ट की धमकी भरा मैसेज भेजा था। आरोपी ने अपने मैसेज में इस साजिश का आरोप एक कंपनी के मैनेजर पर लगाया था। धमकी भरे मैसेज के बाद मुंबई पुलिस अलर्ट हो गई थी और आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई थी।

मैसेज के जरिए दी गई थी धमकी
अजमेर एटीएस प्रभारी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी मोहम्मद मिर्जा बेग ने गोवंडी थाने के व्हाट्सएप नंबर पर संदेश भेजा था। मैसेज में लिखा गया था कि एक कंपनी का मैनेजर हथियार की फैक्ट्री चलाता है और वह पीएम नरेंद्र मोदी की हत्या और ट्रेन में बम धमाके की साजिश रच रहा है। इस सूचना के बाद मुंबई पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और आरोपी के मोबाइल नंबर को ट्रेस किया।

अजमेर में मिली आरोपी की लोकेशन
मुंबई पुलिस ने आरोपी की लोकेशन अजमेर में ट्रेस की और तुरंत अजमेर पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद एटीएस और अजमेर पुलिस की स्पेशल टीम ने कार्रवाई करते हुए अजमेर रेलवे स्टेशन पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

मैसेज के पीछे झगड़े की मंशा
जांच में पता चला है कि आरोपी मोहम्मद मिर्जा बेग गुजरात के पालनपुर स्थित एक कंपनी में काम करता था। कंपनी के मैनेजर के साथ हुए झगड़े के बाद उसने यह धमकी भरा मैसेज भेजा। आरोपी ने इस साजिश में कंपनी के मैनेजर को फंसाने की कोशिश की।

पूछताछ जारी
अजमेर पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना मुंबई पुलिस को दे दी है। फिलहाल आरोपी से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि वह अजमेर में किससे मिलने आया था और उसका उद्देश्य क्या था। यह भी पता लगाया जा रहा है कि धमकी देने के पीछे उसका असली इरादा क्या था।

महाराष्ट्र पुलिस करेगी मामले की जांच
इस मामले में आगे की जांच महाराष्ट्र पुलिस करेगी। गोवंडी थाना पुलिस आरोपी की धमकी और इससे जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। वहीं अजमेर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर प्रारंभिक पूछताछ शुरू कर दी है।

यह गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और आपसी समन्वय का नतीजा है, जिससे एक संभावित गंभीर खतरे को समय रहते टाल दिया गया।

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