आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं सोने की कीमतें
नई दिल्ली: सोने की कीमतों में आगामी दिनों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, मौजूदा उच्च स्तरों के कारण अल्पकालिक मुनाफावसूली का दबाव रह सकता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि में निवेशकों को भारी मुनाफा मिल सकता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि डेढ़ से दो साल में सोना 1.25 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।
यूबीएस ने बढ़ाया सोने का अनुमान, 3200 डॉलर प्रति औंस का लक्ष्य
स्विटजरलैंड स्थित ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने सोने की बढ़ती मांग को देखते हुए इसका अनुमान 3200 डॉलर प्रति औंस तक बढ़ा दिया है। फरवरी 2025 में भी इसने अपने अनुमान को बढ़ाकर 3000 डॉलर प्रति औंस किया था। रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय बैंकों द्वारा विदेशी मुद्रा भंडार और ईटीएफ निवेश में विविधीकरण के चलते सोने की मांग में तेजी बनी रहेगी।
गोल्डमैन सैक्स: साल के अंत तक सोना 3500 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है
गोल्डमैन सैक्स के हालिया पॉडकास्ट ‘क्यों सोना और भी ऊपर उठ सकता है’ में कहा गया है कि 2025 के अंत तक सोना 3300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। इसके पीछे दो मुख्य कारण बताए गए हैं:
- केंद्रीय बैंकों की बढ़ती मांग
- ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) प्रवाह में वृद्धि
एचडीएफसी सिक्योरिटीज का पूर्वानुमान: 87,000 रुपये के बाद आएगी नई तेजी
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के करेंसी और कमोडिटी हेड अनुज गुप्ता ने बताया कि सोने के लिए 87,000 रुपये प्रति 10 ग्राम का महत्वपूर्ण प्रतिरोध स्तर है। इस स्तर को पार करने के बाद सोने में और तेजी की उम्मीद है। हालांकि, उन्होंने छोटी अवधि में मुनाफावसूली की संभावना भी जताई है।
सोने की कीमतें 3-4 महीनों में 90,000 रुपये तक जा सकती हैं
अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण घरेलू परिषद (जीजेसी) के पूर्व अध्यक्ष के अनुसार, मौजूदा गिरावट अस्थायी है, और अगले 3-4 महीनों में सोना 89,000-90,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। हालांकि, मई-जून में कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है।
चांदी में नहीं दिखेगी उतनी तेजी
विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में सोने जैसी तेज़ी की संभावना कम है। हालांकि, सोने के ऊंचे भाव से चांदी को कुछ समर्थन मिल सकता है, क्योंकि चांदी और सोने का आपसी संबंध मजबूत बना रहता है।
क्या करें निवेशक?
विशेषज्ञों की राय में:
- लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना एक सुरक्षित विकल्प बना रहेगा।
- छोटी अवधि में मुनाफावसूली की संभावना को ध्यान में रखते हुए निवेशक सतर्क रहें।
- सोने की कीमतों में संभावित गिरावट (मई-जून) को खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जा सकता है।
निष्कर्ष
सोने की कीमतों में निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन दीर्घकालिक दृष्टिकोण से निवेशकों को अच्छा मुनाफा मिलने की संभावना है। अगर वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहीं, तो 2025 के अंत तक सोना 1.25 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकता है।