तीन राज्यों को जोड़ेगा हाईवे, सफर होगा तेज़ और आसान
ग्वालियर: मध्य प्रदेश अब तेज़ी से बुनियादी ढांचे के विकास की ओर बढ़ रहा है। इसी कड़ी में ग्वालियर-आगरा हाई स्पीड कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जिससे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच यातायात को और सुगम बनाया जाएगा। इस हाई स्पीड कॉरिडोर के बनने से ग्वालियर से दिल्ली का सफर भी तेज़ और सुगम हो जाएगा, क्योंकि इससे यात्रा की कुल दूरी 32 किलोमीटर कम हो जाएगी।
4,613 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है कॉरिडोर
पिछले साल केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस परियोजना की घोषणा की थी। अब यह प्रोजेक्ट हकीकत में बदलता दिख रहा है। करीब 4,613 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस हाई स्पीड कॉरिडोर की शुरुआती लागत 2,497 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन अब इसे और विस्तारित किया गया है। कॉरिडोर के ज़रिए वाहन चालकों को ग्वालियर से नोएडा एक्सप्रेसवे तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे दिल्ली की यात्रा भी आसान होगी।
तीन राज्यों से गुजरेगा हाई स्पीड कॉरिडोर
यह हाई स्पीड कॉरिडोर ग्वालियर (मध्य प्रदेश) से शुरू होकर मुरैना, राजस्थान के धौलपुर से होते हुए उत्तर प्रदेश के आगरा की रिंग रोड से जुड़ेगा। 6-लेन हाईवे की कुल लंबाई 89 किलोमीटर होगी, जो ट्रैफिक को कम करने में मदद करेगा।
66 गांवों में 550 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण लगभग पूरा
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अनुसार, इस परियोजना के लिए 66 गांवों में लगभग 550 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण लगभग पूरा हो चुका है। इसमें शामिल हैं:
- मध्य प्रदेश: ग्वालियर का सुसेरा गांव और मुरैना के डोंगरपुर लोधा, कोटवाल सहित 32 गांव
- राजस्थान: धौलपुर के महदपुरा और पहाड़ी सहित 18 गांव
- उत्तर प्रदेश: आगरा के इरादतनगर, देवरी सहित 15 गांव
सफर का समय होगा कम, ट्रैफिक से मिलेगी राहत
वर्तमान में ग्वालियर से आगरा तक 121 किलोमीटर का सफर एनएच-44 के ज़रिए तय किया जाता है, जिसमें लगभग तीन घंटे लगते हैं। हर दिन 50,000 से अधिक वाहन इस हाईवे से गुजरते हैं, जिससे जाम की समस्या बनी रहती है।
नए हाई स्पीड कॉरिडोर की प्रमुख विशेषताएं:
✅ नई दूरी: 89 किलोमीटर
✅ समय की बचत: केवल 1 से 1.5 घंटे में यात्रा संभव
✅ जाम से राहत: एनएच-44 पर वाहनों का दबाव कम होगा
जल्द खुलेगा टेंडर, निर्माण कार्य को मिलेगी गति
NHAI के अधिकारियों के मुताबिक, इस हाई स्पीड कॉरिडोर के लिए बोली (बिड) प्रक्रिया जारी है, और अगले महीने निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी किए जा सकते हैं। सभी ज़रूरी मंज़ूरियों (NOC) को जल्द पूरा करने की योजना है ताकि परियोजना में देरी न हो।
बढ़ेंगी ज़मीन की कीमतें, निवेश की संभावनाएं भी खुलेंगी
इस हाई स्पीड कॉरिडोर से केवल यातायात ही नहीं सुधरेगा, बल्कि इसके किनारे बसे क्षेत्रों में भूमि की कीमतों में बढ़ोतरी होगी। साथ ही, सरकार यहां कॉलेज, इंडस्ट्री, लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस और अन्य व्यावसायिक केंद्रों के लिए निवेश की संभावनाएं तलाश रही है।
पर्यटन और आर्थिक विकास को भी मिलेगा बढ़ावा
इस कॉरिडोर के निर्माण से ग्वालियर, धौलपुर, और आगरा के पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान होगा। ताजमहल, ग्वालियर किला और अन्य ऐतिहासिक स्थलों तक यात्रा करने वाले पर्यटकों को भी फायदा मिलेगा।
निष्कर्ष
ग्वालियर-आगरा हाई स्पीड कॉरिडोर न केवल यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि तीन राज्यों के आर्थिक और पर्यटन विकास में अहम भूमिका निभाएगा। इसके निर्माण से ग्वालियर और आगरा के बीच यात्रा आसान होगी, ट्रैफिक की समस्या कम होगी और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक अवसर बढ़ेंगे।