नई दिल्ली, 6 नवंबर 2024: सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी 2024 परीक्षा को फिर से कराने की याचिका खारिज कर दी। दो अगस्त को दिए गए अपने फैसले की समीक्षा का अनुरोध करने वाली याचिका पर मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने निर्णय सुनाया। पीठ ने कहा कि उनके पूर्व के फैसले में कोई त्रुटि नहीं है और पुनर्विचार का कोई आधार नहीं बनता।
काजल कुमारी द्वारा दायर समीक्षा याचिका में सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया था कि नीट-यूजी 2024 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और प्रणालीगत लीक के आरोपों के आधार पर परीक्षा को नए सिरे से आयोजित करने का आदेश दिया जाए। परंतु, अदालत ने याचिका में प्रस्तुत दावों को खारिज कर दिया। फैसले में कहा गया कि रिकॉर्ड की समीक्षा से यह स्पष्ट होता है कि परीक्षा प्रक्रिया में कोई गंभीर खामी नहीं है जो परीक्षा की अखंडता पर संदेह उत्पन्न करती हो।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले की खुली अदालत में सुनवाई करने की जरूरत नहीं है। अदालत ने 22 अक्टूबर को याचिका खारिज करने का आदेश दिया था, जिसकी प्रति अब सार्वजनिक की गई है। इसमें अदालत ने स्पष्ट किया, “कोई त्रुटि या समीक्षा का मामला नहीं बनता है। अतः समीक्षा याचिका खारिज की जाती है।”
गौरतलब है कि नीट-यूजी 2024 परीक्षा देशभर में 5 मई को आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 23 लाख अभ्यर्थियों ने मेडिकल, दंत चिकित्सा, आयुष और अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए भाग लिया था। कोर्ट का यह निर्णय याचिका के निष्पादन पर स्पष्ट संकेत देता है कि परीक्षा की अखंडता सुरक्षित रही है, और अब इसे नए सिरे से आयोजित करने की आवश्यकता नहीं है।