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“साइबर अपराधियों का नया तरीका: दिल्ली पुलिस और सीबीआई के नाम पर डिजिटल गिरफ्तारी का झांसा देकर बिल्डर से 1.15 करोड़ रुपये की ठगी”

"Cyber ​​criminals' new method: Builder duped of Rs 1.15 crore by pretending to be digitally arrested in the name of Delhi Police and CBI"

अहमदाबाद, 28 नवंबर 2024 – साइबर अपराधियों ने दिल्ली पुलिस और सीबीआई जैसे प्रतिष्ठित एजेंसियों के अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल कर एक बिल्डर से 1.15 करोड़ रुपये की ठगी की है। यह मामला अहमदाबाद के एक बिल्डर से जुड़ा है, जिसे डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर झांसा दिया गया। ठगी की इस घटना में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें बैंक खाताधारक और यस बैंक के कर्मचारी भी शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, 16 नवंबर 2024 को बिल्डर के पास एक व्हॉट्सएप कॉल आई, जिसमें खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने उन्हें बताया कि उनके आधार कार्ड का उपयोग कर एक संदिग्ध पार्सल भेजा गया है, जिसमें 16 पासपोर्ट, 58 एटीएम कार्ड और 140 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स मिला है। आरोपी ने यह दावा किया कि उसके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है और कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। इसके बाद उन्हें धमकी दी गई कि अगर वे जांच में सहयोग नहीं करते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

आरोपियों ने पीड़ित के बैंक बैलेंस की जानकारी हासिल की और उसे विश्वास में लेने के लिए फर्जी पत्र भेजे, जिसमें दिल्ली कोर्ट, सीबीआई और आरबीआई के लोगो और हस्ताक्षरों का उपयोग किया गया था। इसके बाद बिल्डर से कुल 1.15 करोड़ रुपये की ठगी की गई।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान की। साइबर क्राइम ब्रांच ने यस बैंक की डिसा शाखा और राजस्थान के मेरखा शाखा के कर्मचारियों समेत गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में जिगर जोशी, जतिन चोकावाला, दीपक सोनी, मावजी पटेल और अनिल भूटा शामिल हैं। सभी आरोपी 29 नवंबर तक पुलिस कस्टडी में हैं।

इस मामले में पुलिस ने जनता से सतर्क रहने की अपील की है। एसपी (साइबर क्राइम) हार्दिक मकाड़िया ने कहा, “डिजिटल गिरफ्तारी जैसी कोई प्रक्रिया नहीं होती है। अगर कोई ऐसी कॉल आती है, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें और पैसे ट्रांसफर करने से बचें।”

साइबर क्राइम ब्रांच ने यह भी चेतावनी दी है कि ऐसे अपराधी खासकर वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस तरह की कॉल्स पर प्रतिक्रिया न करें और किसी भी स्थिति में पैसे ट्रांसफर न करें।

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