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उत्तराखंड में पार्किंग संकट का समाधान: 15,000+ वाहनों की पार्किंग और टनल पार्किंग पर जोर

Solution to parking crisis in Uttarakhand: Emphasis on parking for 15,000+ vehicles and tunnel parking

उत्तराखंड में हर साल बढ़ती पर्यटकों की संख्या से जहां पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या गंभीर हो गई है। खासकर पर्यटन सीजन के दौरान जाम की समस्या स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए उत्तराखंड सरकार ने 15,857 वाहनों की पार्किंग क्षमता वाले 182 स्थलों पर पार्किंग निर्माण की योजना शुरू की है। उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण (ऊडा) की इस योजना के तहत अब तक 34 पार्किंग स्थलों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 47 पर निर्माण कार्य चल रहा है।

सीमित स्थानों को देखते हुए सरकार पहली बार टनल पार्किंग का विकल्प अपना रही है। इसके तहत बागेश्वर, लक्ष्मणझूला, ऊखीमठ, कैम्प्टी फॉल, नैनबाग, तपोवन, उत्तरकाशी, यमुनोत्री मार्ग और नैनीताल जैसे स्थानों पर पहाड़ों के अंदर सुरंग बनाकर पार्किंग सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। इस योजना में 57 सरफेस पार्किंग, 106 मल्टी-स्टोरी पार्किंग, 9 ऑटोमेटेड पार्किंग और 10 टनल पार्किंग शामिल हैं। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) भी ऋषिकेश और देहरादून में 2,000 वाहनों की पार्किंग सुविधा बना रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि तीर्थयात्रियों और पर्यटकों का कीमती समय जाम में बर्बाद न हो, इसके लिए प्रमुख स्थानों पर पार्किंग निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। उत्तराखंड सरकार की यह योजना न केवल यातायात के दबाव को कम करेगी, बल्कि राज्य में पर्यटन के अनुभव को भी बेहतर बनाएगी।

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