तापमान तोड़ेगा रिकॉर्ड, बढ़ेंगी हीटवेव्स
मौसम विभाग के आंकड़े इस साल उत्तराखंड में भीषण गर्मी की चेतावनी दे रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार तापमान कई रिकॉर्ड तोड़ सकता है। पिछले साल देहरादून में 100 वर्षों का रिकॉर्ड टूट गया था, जब पारा 43°C तक पहुंच गया था। इस बार भी हीटवेव के दिनों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई गई है।
उत्तराखंड मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार,
“गर्मी में तापमान बढ़ने के पीछे ग्लोबल वॉर्मिंग और कई स्थानीय कारण हैं। इस साल भी हीटवेव का लंबा दौर देखने को मिलेगा, जिससे जल संकट गहरा सकता है। सरकार को इस स्थिति से निपटने के लिए अभी से ठोस रणनीति बनानी होगी।”
पेयजल संकट गहराएगा, जल संस्थान की चुनौती बढ़ी
उत्तराखंड में पहले से ही पेयजल की मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर है। गर्मियों में यह समस्या और विकराल हो सकती है।
- सामान्य दिनों में पूरे राज्य की पेयजल मांग 971.91 MLD है, लेकिन उत्पादन 678.96 MLD ही हो पाता है।
- देहरादून में ही पेयजल की मांग 288 MLD है, जबकि आपूर्ति 257 MLD ही संभव हो पाती है। गर्मियों में यह अंतर और बढ़ जाता है।
गर्मियों में पानी को तरसेंगे लोग, जल स्रोत सूखने की आशंका
मुख्य महाप्रबंधक नीलिमा गर्ग के अनुसार,
“देहरादून में बिंदाल नदी और मौसी फॉल जैसे जल स्रोत गर्मियों में सूखने की कगार पर पहुंच जाते हैं। पावर कट के कारण ट्यूबवेल भी फेल हो जाते हैं, जिससे जल संकट और गहरा जाता है। टोपोग्राफी के कारण कई घरों में पानी का प्रेशर भी कम हो जाता है।”
जल संकट से निपटने के लिए 274 वाटर टैंकर तैयार
जल संस्थान ने इस संकट से निपटने के लिए देहरादून में 74 और पूरे उत्तराखंड में 274 वाटर टैंकरों की व्यवस्था की है। अगर हालात बिगड़ते हैं तो किराए पर और टैंकर लेने की योजना भी तैयार है।
उत्तराखंड के जिलों में पेयजल संकट की स्थिति
गढ़वाल मंडल:
- रुद्रप्रयाग – मांग: 7.69 MLD, आपूर्ति: 4.14 MLD
- टिहरी – मांग: 27.49 MLD, आपूर्ति: 14.29 MLD
- हरिद्वार – मांग: 180.44 MLD, आपूर्ति: 154.62 MLD
- पौड़ी – मांग: 60.26 MLD, आपूर्ति: 34.60 MLD
- उत्तरकाशी – मांग: 16.36 MLD, आपूर्ति: 8.90 MLD
- देहरादून – मांग: 360.04 MLD, आपूर्ति: 291.04 MLD
- चमोली – मांग: 21.83 MLD, आपूर्ति: 12.24 MLD
कुमाऊं मंडल:
- नैनीताल – मांग: 93.66 MLD, आपूर्ति: 36.53 MLD
- अल्मोड़ा – मांग: 24.55 MLD, आपूर्ति: 9.54 MLD
- उधम सिंह नगर – मांग: 137.97 MLD, आपूर्ति: 65.37 MLD
- बागेश्वर – मांग: 9.39 MLD, आपूर्ति: 5.37 MLD
- पिथौरागढ़ – मांग: 20.37 MLD, आपूर्ति: 11.37 MLD
- चंपावत – मांग: 11.59 MLD, आपूर्ति: 3.68 MLD
सरकार की तैयारियों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
जल संकट को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा,
“हर साल गर्मियों में उत्तराखंड जल संकट से जूझता है, लेकिन सरकार कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पाती। मौसम वैज्ञानिक पहले ही चेतावनी दे चुके हैं, फिर भी सरकार की कोई ठोस योजना नजर नहीं आ रही।”
गर्मी से पहले ही जल संकट, क्या सरकार तैयार है?
उत्तराखंड में पानी की किल्लत की चुनौती लगातार बढ़ती जा रही है। अगर सरकार समय रहते ठोस कदम नहीं उठाती, तो इस साल प्रदेश को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।