पौड़ी गढ़वाल: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अपने बचपन के स्कूल, राजकीय प्राथमिक विद्यालय ठांगर पहुंचे। इस दौरान उनके साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। अपने स्कूल पहुंचकर योगी आदित्यनाथ ने बचपन की यादें साझा कीं और विद्यार्थियों को शिक्षा व अनुशासन का महत्व बताया।
विद्यालय में आधुनिक सुविधाओं का विकास
योगी आदित्यनाथ ने खुशी जताई कि अब उनका पुराना विद्यालय स्मार्ट क्लासरूम, अत्याधुनिक लैब, वर्चुअल क्लास जैसी सुविधाओं से सुसज्जित हो चुका है। इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड (IGL) द्वारा इन सुविधाओं का विकास किया गया है। उन्होंने कहा कि “पहले इन संसाधनों की कमी थी, लेकिन समय के साथ सब कुछ बेहतर हो रहा है।”
“गुरुजनों के समर्पण से विद्यार्थी सफल हुए”
सीएम योगी ने कहा कि संसाधनों की कमी के बावजूद, गुरुजनों ने अनुशासन और समर्पण से उत्कृष्ट कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में होने वाली सांस्कृतिक गतिविधियाँ, बाल सभाएँ, और खेल-कूद प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाती हैं।
“पहले शिक्षक के हाथ में छड़ी होती थी, लेकिन अभिभावक कभी नाराज नहीं होते थे, क्योंकि वे जानते थे कि शिक्षक बच्चों के भविष्य निर्माण के लिए कार्य कर रहे हैं।”
योगी आदित्यनाथ के बचपन के शिक्षक बोले – “वह हमेशा होनहार छात्र थे”
कार्यक्रम में मौजूद योगी आदित्यनाथ के पूर्व शिक्षक राजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि योगी बचपन से ही पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में होनहार थे। वे हमेशा उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहते थे और अपनी कक्षा में अनुशासन का पालन करते थे।
सीएम धामी ने व्यक्त किया गौरव
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने योगी आदित्यनाथ की उपलब्धियों पर गर्व जताते हुए कहा –
“यह देवभूमि के लिए गर्व की बात है कि मुख्यमंत्री योगी इसी भूमि से हैं। उत्तराखंड की जनता उनके प्रति अपार स्नेह और सम्मान रखती है।”
सरकार और समाज मिलकर सुधार रहे शिक्षा व्यवस्था
योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर शिक्षा के विकास पर जोर देते हुए कहा कि अब सरकार के साथ निजी संस्थाएँ भी शिक्षा क्षेत्र में योगदान दे रही हैं, जिससे सरकारी विद्यालयों का कायाकल्प हो रहा है। उन्होंने शिक्षकों से नई सुविधाओं का सदुपयोग करने और बच्चों को श्रेष्ठ शिक्षा देने का आग्रह किया।
“अब समय आ गया है कि हम शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए मिलकर कार्य करें। सरकार और समाज के सहयोग से सरकारी विद्यालयों का स्तर ऊँचा उठाया जा सकता है।”
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव
योगी आदित्यनाथ की इस यात्रा ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा और गुरु-शिष्य परंपरा उनके लिए कितनी महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य कर रही है।
निष्कर्ष:
योगी आदित्यनाथ की इस यात्रा ने यह दर्शाया कि संस्कार, अनुशासन और शिक्षा किसी भी व्यक्ति की सफलता के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनका स्कूल दौरा विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ।