देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अब प्रदेश में संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। खबरों के मुताबिक, अगले दो दिनों में धामी सरकार का कैबिनेट विस्तार हो सकता है और नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण जल्द होने की संभावना है।
दिल्ली दौरे पर सीएम धामी, हाईकमान से लेंगे अंतिम निर्णय
कैबिनेट विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिल्ली रवाना हो चुके हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पहले से ही दिल्ली में मौजूद हैं, वहीं अब राज्यपाल भी दिल्ली के दौरे पर हैं। इस राजनीतिक हलचल के बीच अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्द ही नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।
धामी कैबिनेट में पांच सीटें खाली, किन्हें मिलेगा मौका?
वर्तमान में धामी सरकार के मंत्रिमंडल में कुल पांच सीटें खाली हैं। मौजूदा समय में मुख्यमंत्री समेत सात कैबिनेट मंत्री— सतपाल महाराज, धन सिंह रावत, सौरभ बहुगुणा, गणेश जोशी, सुबोध उनियाल और रेखा आर्य सरकार में शामिल हैं।
गौरतलब है कि 2022 में सरकार बनने के बाद से ही तीन मंत्री पद खाली थे। 2023 में कैबिनेट मंत्री चंदन रामदास के निधन के बाद एक और सीट रिक्त हो गई। अब प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद मंत्रिमंडल में कुल पांच पद खाली हो गए हैं। ऐसे में कैबिनेट विस्तार की संभावना और प्रबल हो गई है।
किन जिलों को मिलेगा प्रतिनिधित्व?
धामी कैबिनेट में वर्तमान में उत्तरकाशी, हरिद्वार, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, चमोली और रुद्रप्रयाग जिले का कोई मंत्री नहीं है। माना जा रहा है कि इस बार के विस्तार में इन जिलों के नेताओं को मौका मिल सकता है।
बीजेपी हाईकमान करेगा अंतिम फैसला
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पहले ही संकेत दे चुके हैं कि हाईकमान कैबिनेट विस्तार को लेकर मंथन करेगा। ऐसे में अब सभी की निगाहें सीएम धामी के दिल्ली दौरे और पार्टी के फैसले पर टिकी हुई हैं। अगले कुछ दिनों में उत्तराखंड की सियासत में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है।