देहरादून: उत्तराखंड के सुव्यवस्थित विकास के लिए तैयार हो रहे मास्टर प्लान में देरी को लेकर शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने सोमवार को विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान मंत्री ने योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों को मास्टर प्लान को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के सख्त निर्देश दिए।
ऋषिकेश मास्टर प्लान बना चिंता का विषय
विशेष रूप से ऋषिकेश का मास्टर प्लान, जो 2019 से अधर में लटका हुआ है, मंत्री की नाराजगी का केंद्र रहा। उन्होंने अधिकारियों को कड़े शब्दों में कहा कि यह मास्टर प्लान नगर के विकास, श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय व्यापारियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था, लेकिन अब तक लागू नहीं हुआ है। उन्होंने इसे प्राथमिकता के आधार पर लागू करने को कहा।
ऋषिकेश के लिए मास्टर प्लान के तहत बड़े बदलाव
मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि मास्टर प्लान लागू होने के बाद ऋषिकेश का विकास एक नए मॉडल के रूप में सामने आएगा। इस योजना के तहत:
- योगनगरी रेलवे स्टेशन के समीप एक नया और भव्य आईएसबीटी तैयार किया जाएगा, जिससे यात्रियों को बस और रेल यात्रा के बीच बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
- फायर स्टेशन को आपदा प्रबंधन की दृष्टि से उन्नत और आधुनिक बनाया जाएगा।
- ट्रेड कॉम्प्लेक्स और वेयरहाउस: पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले नागरिकों के लिए कृषि सुविधाओं, कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस की व्यवस्था की जाएगी।
- ट्रक टर्मिनल की स्थापना से व्यापार में गति आएगी।
- चंद्रभागा और लक्ष्मणझूला को जोड़ने वाला पुल और नीलकंठ रोपवे जैसी परियोजनाएं पर्यटन और स्थानीय आर्थिकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।
उत्तराखंड के अन्य शहरों के मास्टर प्लान पर भी फोकस
विभागीय जानकारी के मुताबिक, उत्तराखंड में कुल 70 नए मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं। इनमें हरिद्वार, रूड़की, नैनीताल, हल्द्वानी जैसे शहरों के प्लान प्रगति पर हैं। हालांकि, देहरादून, काशीपुर, और रुद्रपुर जैसे बड़े शहरों में तेजी से हो रहे विकास के बावजूद मास्टर प्लान में संशोधन की जरूरत बताई गई है।
विभागीय सुस्ती पर सख्त चेतावनी
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मास्टर प्लान लागू करने में आ रही सभी दिक्कतों को जल्द से जल्द दूर करें। उन्होंने कहा कि यह राज्य के सुनियोजित विकास और आमजन की भलाई के लिए बेहद जरूरी है।
ऋषिकेश को विकास का नया मॉडल बनाने की योजना
मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, जो ऋषिकेश से विधायक भी हैं, ने कहा कि मास्टर प्लान से शहर का ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा। पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से हर संभव प्रयास करने की अपील की ताकि विकास योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
सरकार की इस सख्ती से उम्मीद है कि उत्तराखंड के मास्टर प्लान जल्द धरातल पर उतरेंगे और राज्य का विकास तेजी से आगे बढ़ेगा।