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Health Update: देश में बढ़ते हृदय रोग के खतरे से निपटने के उपाय: स्वस्थ आदतों और नियमित ब्रिस्क वॉकिंग पर विशेषज्ञों का जोर

Measures to tackle the rising risk of heart disease in the country: Experts emphasize on healthy habits and regular brisk walking

आज के समय में हृदय रोग का बढ़ता खतरा गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। इसका प्रभाव अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है; बल्कि कम उम्र के लोग भी तनावपूर्ण जीवनशैली, अस्वास्थ्यकर आहार, धूम्रपान, और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण हृदय रोगों का सामना कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सही जीवनशैली और रोजमर्रा की आदतों में बदलाव कर हम इस रोग के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

ब्रिस्क वॉकिंग: हृदय रोगों के बचाव में असरदार व्यायाम

ब्रिस्क वॉकिंग (तेज गति से पैदल चलना) हृदय रोगों के खिलाफ एक प्रभावी उपाय मानी जाती है। इसे नियमित करने से कई फायदे मिलते हैं:
स्ट्रोक और दिल के दौरे का खतरा कम: ब्रिस्क वॉकिंग से रक्त संचार अच्छा रहता है, जिससे स्ट्रोक और दिल के दौरे का खतरा कम हो सकता है।
ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल में सुधार: तेज चलने से रक्त में अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) का स्तर बढ़ता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है, जिससे हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है।
शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ाना: वॉकिंग से रक्त वाहिकाओं में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है, जो शरीर की कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने में सहायक है।

वॉकिंग के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें

ब्रिस्क वॉकिंग के कई लाभ हैं, लेकिन इसे सही तरीके से करना भी जरूरी है। यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं:
1. आरामदायक फुटवियर: वॉकिंग के लिए आरामदायक जूते पहनना अनिवार्य है। इससे पैरों में दर्द और थकान नहीं होती है और वॉकिंग का लाभ मिल पाता है।
2. गति और समय: ब्रिस्क वॉकिंग में लगभग 100 कदम प्रति मिनट की गति बनाए रखना चाहिए। रोजाना 30 मिनट या 2 किलोमीटर चलने का लक्ष्य रखें।
3. सही मुद्रा: सीधा खड़े होकर और कंधों को ढीला रखते हुए चलें। हाथों का उपयोग बैलेंस बनाने के लिए करें।
4. प्रदूषण से बचाव: बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए बाहर जाते समय मास्क पहनना जरूरी है, ताकि हृदय और श्वसन तंत्र सुरक्षित रहे।

अन्य स्वास्थ्य सुझाव

– संतुलित आहार: हृदय रोग के बचाव के लिए ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, और कम वसा वाले प्रोटीन जैसे आहार का सेवन करें। तला-भुना और अत्यधिक मीठे भोजन से बचें।
– धूम्रपान और शराब से परहेज: धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इसे जितना जल्दी छोड़ें, उतना बेहतर।
– मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान: तनाव हृदय रोग का एक प्रमुख कारण है। योग, मेडिटेशन, और पर्याप्त नींद से तनाव को दूर रखा जा सकता है।
-रेगुलर चेकअप: समय-समय पर ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर की जांच करवाएं। इससे किसी भी प्रकार की समस्या का समय रहते पता चल सकेगा।

विशेषज्ञों की सलाह: हृदय स्वास्थ्य के लिए सकारात्मक आदतें अपनाएं

हृदय रोग के खतरे से निपटने का सबसे कारगर तरीका है कि हम अपने जीवन में स्वास्थ्यप्रद आदतों को अपनाएं। सिर्फ 30 मिनट की नियमित वॉकिंग और सही खानपान से हृदय को बेहतर स्वास्थ्य प्रदान किया जा सकता है।

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