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कोटपूतली-बहरोड: 8वें दिन भी जारी है 3 साल की चेतना को बोरवेल से निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन

Kotputli-Bahrod: Rescue operation to remove 3-year-old Chetna from borewell continues on 8th day

मुसीबत बनी पत्थरों की चट्टान, रेस्क्यू टीम के सामने नई चुनौतियां

कोटपूतली-बहरोड (30 दिसंबर): 3 साल की चेतना को बोरवेल से बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन सोमवार को आठवें दिन भी जारी है, लेकिन अब तक प्रशासन को कोई सफलता नहीं मिल पाई है। बच्ची की आखिरी मूवमेंट मंगलवार को देखी गई थी, लेकिन फिर से कोई नया संकेत नहीं मिल सका। रेस्क्यू टीम द्वारा की जा रही खुदाई में मुख्य बाधा पत्थरों की चट्टान आ रही है, जिससे ऑपरेशन की गति में कमी आई है।

प्रशासन ने अब तक करीब 5 फीट लंबी L आकार की सुरंग बनाई है, जिससे रेस्क्यू टीम को बोरवेल तक पहुंचने की उम्मीद है। रेस्क्यू ऑपरेशन में 200 पुलिसकर्मियों की टीम लगी हुई है, और थानाधिकारी से लेकर कलेक्टर और एसपी तक लगातार घटनास्थल पर मौजूद हैं। इसके अलावा, मेडिकल टीम भी तैनात है और लगातार बच्ची के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है।

रेस्क्यू ऑपरेशन की नई रणनीति:

जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने बताया कि पाइलिंग मशीन के माध्यम से 170 फीट गहरे गड्ढे को खोदकर होरिजेंटल सुरंग बनाने का प्रयास किया जा रहा है। एनडीआरएफ के प्रशिक्षित कर्मी सुरंग में उतरकर लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन चट्टानों की मौजूदगी ऑपरेशन को धीमा कर रही है। पत्थरों को काटकर सुरंग बनाने का कार्य जारी है।

घटनाक्रम:

  • 23 दिसंबर: 3 साल की चेतना खेलते समय बोरवेल में गिर गई। परिजनों ने तुरंत प्रशासन को सूचित किया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ।
  • 24 दिसंबर: रिंग रॉड और अंब्रेला तकनीक की मदद से रेस्क्यू शुरू किया गया, लेकिन तकनीकी कारणों से ऑपरेशन में दिक्कत आई। बच्ची को 30 फीट ऊपर खींचा गया, लेकिन फिर वह फंस गई।
  • 25 दिसंबर: पाइलिंग मशीन मंगवाई गई और खुदाई शुरू हुई, लेकिन इस दौरान बच्ची का मूवमेंट कैमरे में नजर नहीं आया।
  • 26 दिसंबर: स्पेशल टीम बुलाई गई, लेकिन रुक-रुक कर बारिश ने रेस्क्यू को प्रभावित किया।
  • 27 दिसंबर: ‘रैट माइनर्स’ की टीम ने मोर्चा संभाला और टनल खोदने का कार्य शुरू किया।
  • 28 दिसंबर: बोरवेल के पास 170 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया और सुरंग बनाने का कार्य शुरू हुआ।
  • 29 दिसंबर: 170 फीट गड्ढे की खुदाई पूरी हुई और 2 फीट तक L आकार की सुरंग बनाई गई। रास्ते में पहाड़ की चट्टान आने से खुदाई में दिक्कत आ रही है।

परिजनों की चिंता और प्रशासन से सवाल:

रेस्क्यू ऑपरेशन के आठ दिन पूरे होने पर चेतना के परिजनों ने प्रशासन से नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि आठ दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन उन्हें बच्ची के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा है। वहीं, घटनास्थल पर जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह और कोटपूतली विधायक हंसराज पटेल ने रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया और प्रशासन को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

रेस्क्यू टीम की कोशिशें जारी हैं, और प्रशासन का मानना है कि जल्द ही बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा।

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