नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीसरे कार्यकाल में भी लोकप्रियता के शीर्ष पायदान पर बने हुए हैं। इप्सोस इंडियाबस पीएम अप्रूवल रेटिंग के ताजा सर्वेक्षण में यह खुलासा हुआ कि 70 प्रतिशत से अधिक महिलाओं ने मोदी सरकार के प्रदर्शन को सराहा है। दिलचस्प रूप से, इस सर्वे में महिलाओं का समर्थन पुरुषों से अधिक दर्ज किया गया, जहां 72 प्रतिशत महिलाओं ने पीएम मोदी की नीतियों का समर्थन किया, जबकि 64 प्रतिशत पुरुष उत्तरदाताओं ने उन्हें अपनी स्वीकृति दी।
महिला सशक्तीकरण योजनाओं से मोदी सरकार को मजबूत समर्थन
विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं के बढ़ते समर्थन के पीछे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और ‘महिला-नेतृत्व वाले विकास’ जैसी योजनाओं की भूमिका अहम रही है। इन नीतियों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद की है, जिससे वे सरकार की नीतियों के प्रति और अधिक सकारात्मक रुख अपनाने लगी हैं।
उत्तर और पश्चिम भारत में मोदी का दबदबा, दक्षिण में चुनौती
क्षेत्रीय रुझानों की बात करें तो पीएम मोदी की लोकप्रियता उत्तर और पश्चिम भारत में सबसे अधिक बनी हुई है, जबकि दक्षिण भारत में समर्थन में गिरावट देखी गई।
- उत्तर भारत: 86% समर्थन
- पश्चिम भारत: 74% समर्थन
- दक्षिण भारत: 32% समर्थन
शिक्षा और स्वास्थ्य में बेहतर प्रदर्शन, बेरोजगारी और महंगाई पर चुनौती
मोदी सरकार को विभिन्न क्षेत्रों में मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली:
शिक्षा – 65% समर्थन
स्वच्छता और सफाई – 49% समर्थन
स्वास्थ्य सेवाएं – 42% समर्थन
बेरोजगारी, महंगाई और गरीबी – नकारात्मक प्रतिक्रिया
वैश्विक प्रभावों के कारण कुछ क्षेत्रों में गिरावट
इप्सोस इंडिया के ग्रुप सर्विस लाइन लीडर पारिजात चक्रवर्ती के अनुसार, महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक अस्थिरता जैसी चुनौतियां वैश्विक आर्थिक मंदी, अंतरराष्ट्रीय मुद्रास्फीति और वैश्विक नौकरी कटौती से भी जुड़ी हुई हैं, जिनका असर भारत पर भी पड़ा है।
निष्कर्ष
सर्वेक्षण के नतीजे बताते हैं कि महिला मतदाता पीएम मोदी की सबसे बड़ी समर्थक बनकर उभरी हैं। सरकार की नीतियों का असर साफ दिख रहा है, लेकिन बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर अभी भी सरकार को अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत है।