बैड कोलेस्ट्रॉल और इसके खतरे
हमारे शरीर में दो प्रकार के कोलेस्ट्रॉल होते हैं:
- बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल): उच्च मात्रा में यह हृदय रोग और मस्तिष्क स्ट्रोक का कारण बन सकता है।
- गुड कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल): यह शरीर के लिए फायदेमंद होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती जीवनशैली और गलत खान-पान से बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ रहा है, जिससे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के संकेत
- नाखूनों का नाजुक और पीला होना:
- एलडीएल के उच्च स्तर के कारण पैर के नाखून कमजोर होकर टूटने लगते हैं।
- नाखून धीरे-धीरे बढ़ते हैं और हल्के पीले पड़ सकते हैं।
- पैरों का रंग फीका पड़ना:
- हाई कोलेस्ट्रॉल रक्त प्रवाह को धीमा कर देता है, जिससे पैरों का रंग फीका हो सकता है।
- नाखूनों पर नीले या काले धब्बे:
- यह खराब कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकता है।
शोध समर्थन:
2014 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, हाई एलडीएल लेवल वाले लोगों में नाखूनों के पीले होने की संभावना अधिक होती है।
हाई कोलेस्ट्रॉल से जुड़े अन्य खतरे
- हृदय रोग
- मस्तिष्क स्ट्रोक
- उच्च रक्तचाप
इन संकेतों की उपेक्षा करने पर गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।
हाई कोलेस्ट्रॉल को कैसे करें नियंत्रित?
- संतुलित आहार अपनाएं:
- फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन को भोजन में शामिल करें।
- वसायुक्त और तले हुए खाद्य पदार्थों से बचें।
- नियमित व्यायाम:
- दौड़ना, पैदल चलना, साइकिल चलाना जैसे व्यायाम करें।
- शरीर से पसीना निकालने वाले व्यायाम को प्राथमिकता दें।
- धूम्रपान छोड़ें:
- धूम्रपान बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाता है।
- वजन कम करें:
- अधिक वजन वाले लोग वजन घटाकर एलडीएल को नियंत्रित कर सकते हैं।
- तनाव को करें नियंत्रित:
- रोजाना योग और ध्यान करने से तनाव और चिंता कम होती है, जिससे कोलेस्ट्रॉल स्तर भी घटता है।
निष्कर्ष
बैड कोलेस्ट्रॉल के बढ़े हुए स्तर को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। शरीर के संकेतों पर ध्यान दें और समय पर उचित कदम उठाएं। स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, और सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर बैड कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें और जीवन को स्वस्थ बनाएं।