देश में मंकीपॉक्स (Monkeypox) के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा ने सभी राज्यों को एक महत्वपूर्ण पत्र भेजा है। इस पत्र में स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों को मंकीपॉक्स की तैयारियों की समीक्षा करने और जनता में घबराहट को रोकने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
WHO की चेतावनी के बाद बढ़ी सतर्कता
हाल ही में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंकीपॉक्स क्लेड 1बी को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल (Global Health Emergency) घोषित किया है, जिसके चलते भारत सरकार ने भी अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा समय-समय पर अधिसूचनाएं जारी की जा रही हैं, और 26 सितंबर को भेजे गए इस पत्र में विभिन्न उपायों का उल्लेख किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय का अनुरोध
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और संघीय क्षेत्रों से अपील की है कि वे समुदायों को इस बीमारी के बारे में जागरूक करें, जिसमें इसके फैलने के तरीके, समय पर रिपोर्टिंग की आवश्यकता, और निवारक उपायों की जानकारी शामिल है। साथ ही, लोगों में दहशत फैलने से रोकने के लिए भी खास ध्यान देने को कहा गया है।
केरल में मंकीपॉक्स का पहला मामला
मंकीपॉक्स क्लेड 1बी का पहला मामला केरल में सामने आया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, यह 38 वर्षीय व्यक्ति हाल ही में दुबई से लौटे थे। उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है और उनका इलाज जारी है।
राज्यों को दिए गए निर्देश
1. अलगाव सुविधाएं: अस्पतालों में संदिग्ध और पुष्ट मामलों के लिए अलगाव सुविधाओं की पहचान और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
2. सख्त नियंत्रण उपाय: सभी संदिग्ध मंकीपॉक्स मामलों को अलग रखने और संक्रमण की रोकथाम के सख्त उपायों को लागू करने की सलाह दी गई है।
3. त्वचा के घावों का परीक्षण: संभावित मंकीपॉक्स लक्षण वाले रोगियों के त्वचा के घावों के नमूने तुरंत निर्दिष्ट प्रयोगशालाओं को भेजे जाने चाहिए।
4.नैदानिक परीक्षण क्षमता: देश भर में 36 आईसीएमआर समर्थित प्रयोगशालाएं पहले से उपलब्ध हैं, जिससे मंकीपॉक्स की पहचान की प्रक्रिया को तेज किया जा सकता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय की निरंतर निगरानी
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय स्थिति पर बारीकी से नजर रखेगा और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगा। इसके साथ ही, मंकीपॉक्स के प्रकोप के प्रभाव को कम करने के लिए आवश्यक उपायों को लागू करने की अपील की गई है।
यह पत्र स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता को दर्शाता है और दर्शाता है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। सभी नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार के लक्षणों के मामले में तुरंत चिकित्सा सलाह लें।