नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया। यह टीम इंडिया का तीसरा चैंपियंस ट्रॉफी खिताब और कुल सातवां आईसीसी टूर्नामेंट टाइटल है। रोहित शर्मा और विराट कोहली ने इस ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई। विजेता बनने के बाद भारतीय टीम ने सफेद ब्लेजर पहनकर ट्रॉफी उठाई, जो एक अनोखी परंपरा का हिस्सा है। आइए जानते हैं, यह व्हाइट ब्लेजर पहनने की परंपरा कब और क्यों शुरू हुई।
चैंपियंस ट्रॉफी में विजेता टीम क्यों पहनती है सफेद ब्लेजर?
व्हाइट ब्लेजर पहनना आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी की एक अनोखी परंपरा है, जिसकी शुरुआत 2009 में हुई थी। 1998 में जब पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी खेली गई थी, तब इस परंपरा का कोई जिक्र नहीं था। लेकिन 2009 में दक्षिण अफ्रीका में हुए संस्करण से इसे शुरू किया गया। यह ब्लेजर हाई क्वालिटी इटालियन ऊन से बना होता है और इसे बेहतरीन तरीके से डिजाइन किया जाता है। जैकेट के सीन के पास सुनहरे धागे से ‘चैंपियंस ट्रॉफी’ लिखा जाता है, जिससे यह विजेता टीम के लिए गौरव का प्रतीक बन जाता है। भारत ने भी इस परंपरा का पालन करते हुए सफेद ब्लेजर पहनकर ट्रॉफी उठाई और मैदान पर जीत का जश्न मनाया। भारतीय खिलाड़ी ब्लेजर पहने डांस करते दिखे और विजेता बोर्ड के सामने खड़े होकर ऐतिहासिक पल का आनंद लिया।
भारत बनाम न्यूजीलैंड फाइनल: रोमांचक मुकाबले में भारत ने 4 विकेट से दर्ज की जीत
न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 7 विकेट पर 251 रन बनाए। भारत ने 49 ओवर में 6 विकेट खोकर 254 रन बनाकर शानदार जीत हासिल की और ट्रॉफी पर कब्जा किया। भारत की ओर से रोहित शर्मा ने 76 रन (83 गेंद, 7 चौके, 3 छक्के), श्रेयस अय्यर ने 48 रन, शुभमन गिल ने 31 रन, अक्षर पटेल ने 29 रन, केएल राहुल ने नाबाद 34 और रवींद्र जडेजा ने नाबाद 9 रन बनाए। इससे पहले टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड टीम की ओर से डेरिल मिशेल ने 63 और माइकल ब्रेसवेल ने नाबाद 53 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। भारत के लिए वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव ने 2-2 विकेट हासिल किए, जबकि मोहम्मद शमी ने 1 विकेट झटका।
निष्कर्ष
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहां भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया। सफेद ब्लेजर पहनने की परंपरा ने इस जीत को और भी खास बना दिया। रोहित शर्मा, विराट कोहली और भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन ने टीम इंडिया को तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी विजेता बना दिया।