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आईएमपीसीएल के निजीकरण पर कांग्रेस का विरोध: मुनाफे वाली सरकारी कंपनी को बेचने का आरोप

Congress opposes privatization of IMPCL: Accusation of selling a profitable government company

देहरादून: कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर आईएमपीसीएल (Indian Medical Pharmaceutical Corporation Limited), मोहान-अल्मोड़ा के निजीकरण की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि यह संस्थान प्राचीन शास्त्रीय विधि से आयुर्वेदिक और यूनानी औषधि निर्माण में अग्रणी है और लगातार मुनाफा कमा रहा है। इसके बावजूद, सरकार इसे अपने पूंजीपति मित्रों को सौंपने की कोशिश में है।

माहरा के आरोप:

  • आईएमपीसीएल को रणनीतिक निवेश के लिए सूचीबद्ध किया गया है, और परिसंपत्तियों का मूल्यांकन किया जा रहा है।
  • कंपनी निरंतर तीन साल से मुनाफे में है और इससे हजारों कर्मचारियों की आजीविका चल रही है।
  • संस्थान के मौजूदा प्रबंधन पर निजीकरण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए राजनीतिक रसूखदार लोगों और निजी संस्थाओं के साथ सांठ-गांठ करने का आरोप।
  • कंपनी के पास 1200 दवाओं का लाइसेंस है और यह 425 आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं की सप्लाई करती है।

माहरा के सवाल:

  1. लगातार मुनाफा देने वाली कंपनी को बेचने की आवश्यकता क्यों है?
  2. सरकारी परिसंपत्तियों को निजी हाथों में सौंपकर कर्मचारियों और उनके परिवारों की आजीविका क्यों छीनी जा रही है?
  3. आयुष मंत्रालय के तहत इस संस्थान को खत्म करने की कोशिशें किसके इशारे पर हो रही हैं?

कांग्रेस का रुख:

कांग्रेस पार्टी ने इस निजीकरण के कदम का पुरजोर विरोध करने की घोषणा की है। माहरा ने कहा कि इस संस्थान से करीब 5000 परिवार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। कंपनी को प्राइवेट हाथों में सौंपने का मतलब न केवल इन परिवारों की आजीविका छीनना है, बल्कि देश की प्राचीन औषधीय परंपरा को भी खतरे में डालना है।

कांग्रेस की चेतावनी:

करन माहरा ने कहा कि यदि सरकार ने यह कदम उठाया, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर इसका विरोध करेगी। उन्होंने आम जनता से भी इस कदम का विरोध करने की अपील की।

निष्कर्ष:
कांग्रेस ने इसे देश की परिसंपत्तियों को निजीकरण के माध्यम से खत्म करने की साजिश करार दिया है और सरकार को मुनाफा अर्जित करने वाली कंपनियों के संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने की नसीहत दी है।

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