तमिलनाडु के एक बारहवीं कक्षा के छात्र ने मेडिकल कॉलेज में दाखिला पाने के लिए 129 के बजाय 698 अंकों का जाली NEET स्कोरकार्ड प्रस्तुत किया, जिससे वह और उसके माता-पिता मुश्किल में फंस गए। छात्र मंगलवार को मद्रास मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए दस्तावेज़ों के सत्यापन के दौरान पकड़ा गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
प्रवेश की आस में फर्जीवाड़ा, अब गिरफ्तारी का सामना
मद्रास मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने स्कोरकार्ड की सत्यता की जांच की और इसे जाली पाया, जिसके बाद किलपौक पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस के अनुसार, छात्र ने अपने कम अंकों के चलते फर्जी मार्कशीट तैयार करने की योजना बनाई थी, जिसमें उसके दोस्तों ने उसकी मदद की। माता-पिता इस योजना से अनजान थे।
पुलिस ने जाली दस्तावेज बनाने वालों की तलाश की शुरू
मेडिकल विश्वविद्यालय के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. करामाथ की शिकायत पर किलपौक पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस अब छात्र के दो साथियों की तलाश कर रही है, जिनमें से एक अड्यार में एक फोटोकॉपी सेंटर में कार्यरत है।