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उत्तराखंड में चाइनीज मांझे का कहर: पुलिस की सख्ती के बावजूद जारी खतरा

Chinese Manjha wreaks havoc in Uttarakhand: Danger continues despite police's strictness

देहरादून: देशभर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा उत्तराखंड में लगातार हादसों का कारण बन रहा है। पुलिस की सख्ती और अभियान के बावजूद चोरी-छिपे इसका व्यापार जारी है, जिससे आम लोगों को गंभीर नुकसान उठाना पड़ रहा है। हरिद्वार जिले में अब तक 30 से ज्यादा लोग चाइनीज मांझे का शिकार हो चुके हैं, जिनमें से दो की जान चली गई है।

बसंत पंचमी पर बढ़ी घटनाएं

हरिद्वार और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों में बसंत पंचमी पर पतंग उड़ाने की परंपरा है। इस दौरान चोरी-छिपे चाइनीज मांझे की बिक्री बढ़ जाती है। पुलिस ने त्योहार से पहले इसके खिलाफ अभियान चलाया था, लेकिन 3 फरवरी को रेलवे के जूनियर इंजीनियर (JE) सुलेख चंद की मांझे से मौत के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।

हादसों की श्रृंखला: इंसानी जान पर खतरा

  1. सुलेख चंद की मौत (3 फरवरी 2025)
    • रेलवे में JE के पद पर तैनात सुलेख चंद अपनी पत्नी के साथ ऋषिकेश एम्स से लौट रहे थे।
    • हरिद्वार में बाइक चलाते समय चाइनीज मांझे की चपेट में आए और गंभीर रूप से घायल हो गए।
    • अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
  2. पहले भी हो चुकी है मौत (2 जनवरी 2025)
    • हरिद्वार में अशोक कुमार नामक व्यक्ति का चाइनीज मांझे से गला कट गया था।
    • अशोक कुमार हाइड्रा मशीन ऑपरेटर थे और यूपी के मुजफ्फरनगर के निवासी थे।
    • अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
  3. 20 जनवरी 2025: गंभीर रूप से घायल
    • हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में सुमित कुमार बाइक पर सफर कर रहे थे।
    • मांझे की चपेट में आने से उनकी गर्दन पर गहरा घाव हो गया।
    • सर्जरी कर जान बचाई गई।
  4. बसंत पंचमी (2 फरवरी 2025): 24 से अधिक घायल
    • धारवाली क्षेत्र में बाइक सवार की गर्दन कट गई, अस्पताल में भर्ती कराया गया।
    • हरिद्वार कोतवाली क्षेत्र में एक बच्ची के पैर में मांझा फंसने से गहरा घाव हो गया।
    • सप्त ऋषि चौकी, कनखल, ज्वालापुर सहित अन्य क्षेत्रों में भी कई लोग घायल हुए।
  5. एक ही दिन में 35 घायल
    • हरिद्वार जिला अस्पताल के डॉक्टर विकास दीप के अनुसार, 2 फरवरी को 35 से अधिक चाइनीज मांझे से घायल हुए लोग इमरजेंसी में पहुंचे।
    • कई गंभीर मामलों को हायर सेंटर रेफर किया गया।

पुलिस की कार्रवाई: नाकाफी साबित हो रही सख्ती

  • रुड़की सिविल लाइन कोतवाली क्षेत्र में चार लोगों को चाइनीज मांझे के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
  • गिरफ्तार आरोपी:
    1. नसीम (पुत्र यासीन)
    2. जगत सिंह (पुत्र कुंदन सिंह)
    3. विकास गोस्वामी (पुत्र भूषण गोस्वामी)
    4. संजीव कुमार (पुत्र सत्यदेव)
  • पुलिस का कहना है कि यदि कोई चाइनीज मांझा बेचते पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

कानूनी प्रावधान और सजा

  • BNS धारा 125: जानबूझकर किसी की जान को खतरे में डालने का अपराध (6 महीने की जेल या 5,000 रुपये का जुर्माना)।
  • BNS धारा 223: सरकारी आदेशों का उल्लंघन (6 महीने की जेल या 2,000 रुपये का जुर्माना)।

बसंत पंचमी पर क्यों बढ़ते हैं मामले?

  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में बसंत पंचमी के दिन पतंगबाजी चरम पर होती है।
  • हरिद्वार, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर जैसे शहरों में चाइनीज मांझे की बिक्री चोरी-छिपे होती रहती है।
  • हर साल दिसंबर और जनवरी में यह मांझा बाजारों में धड़ल्ले से बिकता है।

राजनीतिक विवाद भी जुड़ा

  • हरिद्वार से भाजपा विधायक मदन कौशिक और आदेश चौहान की पतंग उड़ाते हुए तस्वीरें वायरल हुईं।
  • कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का इस्तेमाल कर रहे थे।
  • भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं पर छवि धूमिल करने का मामला दर्ज करवाया।
  • पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है।

निष्कर्ष

चाइनीज मांझा उत्तराखंड में संकट बन चुका है। पुलिस द्वारा जब्त किए जाने के बावजूद इसकी बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है। सरकार और प्रशासन को इसे सख्ती से लागू करने की जरूरत है, ताकि लोगों की जान को कोई और खतरा न हो।

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