सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं को नई सब्सिडी मिलने की उम्मीद
भारत में ऊर्जा क्षेत्र को सशक्त बनाने और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) को बढ़ावा देने के लिए बजट 2025 में सरकार कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, भारत का लक्ष्य 2047 तक ऊर्जा स्वतंत्रता (Energy Independence) प्राप्त करना और 2070 तक नेट जीरो एमिशन हासिल करना है। इस दिशा में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, हाइड्रो पावर और ग्रीन हाइड्रोजन को प्राथमिकता दी जा रही है।
बजट में सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए नई सब्सिडी और प्रोत्साहन योजनाओं की घोषणा हो सकती है। सरकार रooftop solar panels और सौर ऊर्जा संयंत्रों के लिए नई वित्तीय सहायता योजनाएं ला सकती है, जिससे घरेलू और औद्योगिक क्षेत्रों में सौर ऊर्जा अपनाने की प्रवृत्ति बढ़ेगी।
हाइड्रो पावर सेक्टर को मिलेगा नया प्रोत्साहन
भारत के हाइड्रो पावर सेक्टर को मजबूत करने के लिए बजट में नई घोषणाएं संभव हैं।
🔹 छोटे और मध्यम हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए विशेष फंडिंग योजना लागू की जा सकती है।
🔹 पहाड़ी राज्यों (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश) में जलविद्युत परियोजनाओं को तेज करने के लिए अतिरिक्त अनुदान दिए जा सकते हैं।
🔹 हाइड्रो पावर कंपनियों को विशेष टैक्स छूट और आसान लोन मिलने की संभावना है।
सरकार का मानना है कि हाइड्रो पावर पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा स्रोत है और इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
विद्युत ग्रिड के आधुनिकीकरण पर फोकस
भारत के विद्युत वितरण तंत्र को आधुनिक बनाने के लिए बजट 2025 में विशेष बजटीय आवंटन किया जा सकता है।
🔹 स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा भंडारण तकनीकों पर सरकार का विशेष जोर रहेगा।
🔹 ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन लॉस को कम करने के लिए नई योजनाएं लाई जा सकती हैं।
🔹 नए सबस्टेशन और हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों के विस्तार पर ध्यान दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि आधुनिक विद्युत ग्रिड से ऊर्जा आपूर्ति में स्थिरता आएगी और बिजली कटौती की समस्या कम होगी।
ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को मिलेगा बढ़ावा
ग्रीन हाइड्रोजन को भविष्य की ऊर्जा माना जा रहा है और बजट 2025 में इसके लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाओं की घोषणा संभव है।
🔹 ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लिए नई सब्सिडी और टैक्स छूट मिल सकती है।
🔹 हाइड्रोजन ईंधन आधारित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां लागू की जा सकती हैं।
🔹 विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन हब विकसित किए जा सकते हैं।
सरकार का लक्ष्य भारत को ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन में वैश्विक लीडर बनाना है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर होगा जोर
बजट 2025 में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए भी नई घोषणाएं की जा सकती हैं।
🔹 राष्ट्रीय राजमार्गों और शहरी क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
🔹 EV निर्माताओं और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को टैक्स में राहत मिल सकती है।
🔹 बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी को और प्रभावी बनाया जाएगा।
सरकार का मानना है कि EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से इलेक्ट्रिक गाड़ियों को अपनाने में तेजी आएगी और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटेगी।
ऊर्जा क्षेत्र में होगा क्रांतिकारी बदलाव
बजट 2025 में ऊर्जा क्षेत्र को लेकर कई बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं। सरकार का ध्यान नवीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रो पावर, ग्रीन हाइड्रोजन और EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा। यदि इन योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया गया, तो भारत न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा, बल्कि जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में भी अहम भूमिका निभाएगा। 🌱⚡🚗