फिटकरी, जिसे पोटेशियम एलम या अमोनियम एलम के रूप में भी जाना जाता है, एक पारदर्शी पदार्थ है जिसे औषधि और घरेलू उपचार में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, फिटकरी का आंतरिक और बाहरी दोनों रूप से सुरक्षित उपयोग किया जा सकता है। यह न केवल त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद है, बल्कि कई बीमारियों के इलाज में भी सहायक है।
फिटकरी के प्रकार और उपयोग:
फिटकरी के विभिन्न प्रकार होते हैं, जैसे पोटेशियम फिटकरी, अमोनियम फिटकरी, क्रोम फिटकरी, और सेलेनेट फिटकरी। आयुर्वेद में फिटकरी को ‘स्फटिक भस्म’ के रूप में जाना जाता है, जो विभिन्न रोगों के इलाज के लिए मौखिक रूप से सेवन की जाती है। इसे शहद के साथ मिलाकर बलगम को कम करने और काली खांसी जैसी समस्याओं का इलाज करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
स्वास्थ्य लाभ:
– पाचन समस्याओं में राहत: फिटकरी के भस्म का नियमित सेवन दस्त और पेचिश जैसी पाचन समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।
– त्वचा की देखभाल: इसके एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण मुंहासे, त्वचा संक्रमण और काले धब्बों को कम करने में मदद करते हैं। यह त्वचा के छिद्रों को कसने और अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करने में भी सहायक है।
– अनचाहे बालों को हटाना: मोम के साथ फिटकरी मिलाकर महिलाएं अनचाहे बालों को हटाने के लिए इसका इस्तेमाल करती हैं। यह त्वचा को गोरा करने और कसावट लाने में भी मददगार है।
– ओरल हाइजीन: फिटकरी मुंह के बैक्टीरिया को कम करती है, जिससे सांसों की दुर्गंध दूर होती है और मुंह स्वस्थ रहता है।
– घावों का इलाज: फिटकरी का पतला घोल छोटे-मोटे घावों को साफ करने और कीटाणुरहित करने में उपयोग किया जा सकता है।
– नसों और रक्तस्राव को रोकना: फिटकरी का उपयोग रक्तस्राव को रोकने और त्वचा की जलन को कम करने में किया जाता है।
शोध से प्रमाणित:
National Institutes of Health (NIH) में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, फिटकरी की नमी को सुखाने की क्षमता इसे एक प्रभावी हर्बल दवा बनाती है। इसके बाहरी उपयोग से यह त्वचा के रोगों जैसे एक्जिमा और प्रुरिटस को ठीक करने में मदद करता है, जबकि आंतरिक उपयोग से यह दस्त, खून की उल्टी, और मिर्गी जैसी समस्याओं को ठीक करने में सहायक होता है।
फिटकरी का सही उपयोग:
हालांकि फिटकरी का आंतरिक और बाहरी दोनों उपयोग फायदेमंद हो सकता है, इसे संतुलित मात्रा में ही लेना चाहिए। इसकी अत्यधिक मात्रा स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है, इसलिए आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से ही इसका सेवन करना चाहिए।
निष्कर्ष:
फिटकरी न केवल एक घरेलू उपचार के रूप में प्रभावी है, बल्कि त्वचा और पाचन से जुड़ी समस्याओं के इलाज में भी सहायक है। इसका सही और नियंत्रित उपयोग आपके स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है।