अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के चंडौस कस्बे में रहने वाले सफाईकर्मी करन कुमार वाल्मीकि को इनकम टैक्स विभाग से 33.88 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस मिलने के बाद हड़कंप मच गया। करन, जो कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की चंडौस शाखा में सफाईकर्मी के तौर पर कार्यरत हैं, महज 15,000 रुपये मासिक वेतन पर काम करते हैं। इतनी बड़ी रकम के कर नोटिस से उनका परिवार सदमे में है।
भागते-भागते पहुंचे इनकम टैक्स कार्यालय
करन कुमार को जब यह नोटिस मिला तो वह घबराते हुए तुरंत आयकर विभाग के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि उनका बैंक खाता तो है, लेकिन उसमें सिर्फ उनकी सैलरी आती है और उनके पास इतनी बड़ी रकम से कोई लेना-देना नहीं है। आयकर विभाग ने पहली नजर में इसे किसी तकनीकी गड़बड़ी या धोखाधड़ी का मामला मानते हुए करन को एफआईआर दर्ज कराने की सलाह दी है।
परिवार में मचा हड़कंप, गहरे सदमे में करन
करोड़ों के टैक्स नोटिस ने करन और उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार को समझ नहीं आ रहा कि आखिर यह गलती हुई कैसे और उनका नाम इतने बड़े मामले में कैसे फंस गया। करन ने कहा, “मैं एक साधारण सफाईकर्मी हूं, जो दिन-रात मेहनत कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। मेरे लिए करोड़ों रुपये की तो बात ही छोड़िए, हजारों रुपये का भी टैक्स भरना मुश्किल है।”
तीसरी बार सामने आया ऐसा मामला
गौरतलब है कि अलीगढ़ जिले में यह हाल के दिनों में तीसरा ऐसा मामला है, जहां आम नागरिकों को करोड़ों रुपये का आयकर नोटिस मिला है। इससे पहले भी दो और लोगों को भारी-भरकम कर नोटिस भेजे गए थे, जो बाद में गलत सूचना या फर्जीवाड़े का मामला निकला।
क्या हो सकती है गड़बड़ी?
विशेषज्ञों का मानना है कि आधार कार्ड और पैन कार्ड की गलत तरीके से लिंकिंग या फिर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा करन के दस्तावेजों का दुरुपयोग किए जाने की आशंका है।
आयकर विभाग अब इस मामले की जांच कर रहा है और करन को जल्द ही इस परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यह घटना व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी भी देती है।