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Raigarh:11 केवी करंट से एक शावक समेत 3 हाथियों की मौत, क्षेत्र में बढ़ा मानव-हाथी संघर्ष

3 elephants including a cub died due to 11 kV current, human-elephant conflict increased in the area

रायगढ़ (छत्तीसगढ़): रायगढ़ के घरघोड़ा रेंज में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जहां चुहकीमार जंगल में 11 केवी की बिजली लाइन की चपेट में आने से एक शावक सहित तीन हाथियों की मौत हो गई। डीएफओ स्टाइलो मंडावी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दुर्घटना बिजली कंपनी की लापरवाही के चलते हुई।

रायगढ़ में हाथियों की बढ़ती संख्या: जिले में वर्तमान में 158 हाथियों की आबादी है, जिनमें 78 हाथी रायगढ़ वन मंडल और 80 धरमजयगढ़ वन मंडल में रहते हैं। रिहायशी इलाकों में भोजन और पानी की तलाश में अक्सर हाथियों का झुंड जंगल से बाहर निकल आता है, जिससे मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं में वृद्धि हो रही है।

घटनास्थल पर वन विभाग की कार्यवाही: घटना के बाद वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पशु चिकित्सकों की सहायता से तीनों हाथियों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। डीएफओ मंडावी ने कहा कि घटना की गहन जांच की जाएगी और बिजली विभाग की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी।

हाथी-मानव संघर्ष में चिंताजनक वृद्धि: पिछले छह वर्षों में छत्तीसगढ़ में 70 से अधिक हाथियों की मौत हो चुकी है। राज्य के सरगुजा, रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर, और बलरामपुर जिलों में हाथियों की सबसे ज्यादा संख्या है। जंगलों की निरंतर कटाई और प्राकृतिक संसाधनों की कमी के चलते, हाथी भोजन और पानी की तलाश में रिहायशी क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं, जिससे इंसानों और हाथियों के बीच संघर्ष बढ़ता जा रहा है।

वन्यजीव विशेषज्ञों की चिंताएं: विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड और मध्य प्रदेश की सीमाओं से सटे छत्तीसगढ़ के जंगलों का घटता क्षेत्र हाथियों के प्राकृतिक आवास को प्रभावित कर रहा है। इससे हाथियों को भोजन और आश्रय की तलाश में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ रहा है, जो संघर्ष की मुख्य वजह बन रहा है। राज्य सरकार और वन विभाग द्वारा इस चुनौती से निपटने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन हाल की घटनाएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि समस्या का स्थायी समाधान अभी बाकी है।

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